पसंद करें
0
नापसंद करें

स्वर्ग एक ख्याल है-हिन्दी शायरी

स्वर्ग की परियां किसने देखी स्वयं जाकर बस एक पुराना ख्याल है। धरती पर जो मिल सकते हैं, तमाम तरह के सामान ऊपर और चमकदार होंगे यह भी एक पुराना ख्याल है। मिल भी जायें तो क्या सुगंध का मजा लेने के लिये नाक भी होगी, मधुर स्वर सुनने के लिये क्या यह कान भी
पसंद करें
0
नापसंद करें

The dear betrothed

This extended weekend was spent traveling to and fro Miraj for engagement ceremony of my kid brother. He is engaged to Dr. Arati Sanmukh. She is doing her specialization in gynecology. The Sanmukhs are based at Miraj. This extended family is very sweet
पसंद करें
0
नापसंद करें

हिन्दू धर्म संदेश-बड़ा वही है जो गरीब पर कृपा करे (garib par kripa karen-hindu dharm sandesh)

जे गरीब पर हित करै, ते रहीम बड़लोग कहाँ सुदामा बापुरो, कृष्ण मिताई जोग कविवर रहीम कहते हैं जो छोटी और गरीब लोगों का कल्याण करें वही बडे लोग कहलाते हैं। कहाँ सुदामा गरीब थे पर भगवान् कृष्ण ने उनका कल्याण किया। आज के संदर्भ में व्याख्या- आपने देखा होगा कि
पसंद करें
0
नापसंद करें

फरिश्ते होने का अहसास जताते-व्यंग्य कविता

किताबों में लिखे शब्द कभी दुनियां नहीं चलाते। इंसानी आदतें चलती अपने जज़्बातों के साथ कभी रोना कभी हंसना कभी उसमें बहना कोई फरिश्ते आकर नहीं बताते। ओ किताब हाथ में थमाकर लोगों को बहलाने वालों! शब्द दुनियां को सजाते हैं पर खुद कुछ नहीं बनाते कभी खुशी और
पसंद करें
0
नापसंद करें

संत कबीर के-रात के सपने निराशा का भाव पैदा करते हैं (sant kabir-rat ke sapne aur nirasha)

कबीर सपनें रैन के, ऊपरी आये नैन जीव परा बहू लूट में, जागूं लेन न देन संत शिरोमणि कबीरदास जी का आशय यह है कि रात में सपना देखते देखते हुए अचानक आंखें खुल जाती है तो प्रतीत होता है कि हम तो व्यर्थ के ही आनंद या दुःख में पड़े थे। जागने पर पता लगता है [...]
 
दीपक भारतदीप
पसंद करें
1
नापसंद करें

प्रेम में ट्रांसफार्मर

जिस इलाके में रहता हूं, वहां का ट्रांसफार्मर फुंक गया है, बिजली अठ्ठाईस घंटे से नहीं आ रही है। चेतना में सिर्फ ट्रांसफार्मर घुस गया है। इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गनाइजेशन वाला एक बंदा बता रहा है कि चंद्रयान तीन की तैयारी चल रही है। मैं पूछ रहा हूं कि भई
पसंद करें
0
नापसंद करें

माक्यावैली के प्रसिद्ध कथन, ” द प्रिन्स ” से

निकोलो माक्यावैली द्वारा, इतालवी भाषा में, लिखित ” द प्रिन्स ” की चर्चा जारी रखते है | पिछले पोस्ट में ” द प्रिन्स ” में निहित माक्यावैली के, विभिन्न विषयों पर, विचारों का सारांश प्रस्तुत है | पिछले पोस्ट को पढ़ने के
 
mequitnever
टैग: Politics family
पसंद करें
5
नापसंद करें

डाइपरात्मक रोल

खबरें खराब हैं, उसके लिए जो रोज छापता हैं खबरें। एक विख्यात अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ने घोषणा कर दी है कि प्रिंट मीडियम के दिन अब गिने चुने हैं। अमेरिका में लगातार किसी ना किसी अखबार के बंद होने की खबर आ ही रही है। आनलाइन पाठकों की [...]