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मध्यप्रदेश में नई राजनीति की शुरूआत : बाबा मायाराम

आम के पेड़ के नीचे बैठक चल रही है। इसमें दूर-दूर के गांव के लोग आए हैं। बातचीत हो रही है। यह दृश्य मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के आदिवासी बहुल केसला विकासखंड स्थित किसान आदिवासी संगठन के कार्यालय का है। यहां 5 जनवरी को किसान आदिवासी संगठन की मासिक बैठक
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चुनाव या सत्ता का बँटवारा?

सबने कहा यह चुनाव है, मैंने कहा सत्ता का बँटवारा है, चुनाव तो एक बहाना है, असली उद्देश्य सत्ता में आना है, मिल बाँट कर खाना है. जनता का वोट बेकार नहीं जाएगा, कोई न कोई तो चुना जाएगा, जो चुना जाएगा, पाँच वर्ष तक देश को खायेगा. सत्ता के गलियारों में, स
 
Suresh Chnadra Gupta
टैग: election
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और अब ई.वी.एम. (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) पर हमला

एक-डेड़ माह पूर्व संपन्न चुनावों में पराजित दो-एक प्रत्याशियों ने अपनी हार का कारण इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को ठहरा दिया । हुआ यह था कि अहमियत रखने वाले कुछ राजनेता (जैसे माननीय चिदंबरम, श्रीमती मेनका गांधी) हारते-हारते जीत गये । मामूली अंतर से हार
 
योगेन्द्र
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अबे,प्लीज सपोर्ट ले ना

विचित्र टाइप की आवाजें आ रही हैं, दिल्ली के सत्ताई इलाकों से, कांग्रेस हेडक्वार्टर के बाहर खास तौर पर – टमाटर ले लो, सपोर्ट ले लो। प्लीज ले लीजिये ना सपोर्ट, ले ही लीजिये ना। नही चाहिए भई। ले लीजिये। देखिये कोई शर्त नहीं है। लखनऊ से लाये हैं, प्लीज।
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लोहियाजी कौन जूनियर आर्टिस्ट

मुन्नाभाई संजय दत्त से हुए एक इंटरव्यू के महत्वपूर्ण अंश इस प्रकार हैं- सवाल-आपकी पालिटिक्स क्या है पार्टनर। मुन्नाभाई-देखिये, मैंने लगे रहो मुन्नाभाई में गांधीवाद के एकैदम नये मायने पेश किये थे। मैंने उस फिल्म में बताया था कि कन्या पटाने जैसे कामों
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लोकतंत्र की व्यथाकथा, सात - भला किसे चुनें प्रतिनिधि, और क्यों ?

आजकल अखबारों और इलेक्ट्रानिक संचार माध्यमों पर दिखाये जा रहे विज्ञापनों तथा परिचर्चाओं आदि के द्वारा देश के मतदाताओं से अनुरोध किया जा रहा है कि वे अवश्य वोट (vote) डालें और वह भी सोच-समझकर सही व्यक्ति को, साफ-सुथरी छवि वाले व्यक्ति को, ऐसे व्यक्ति क
 
योगेन्द्र
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परचे बाँटने वालों की तरह अब ’हिन्दुस्तान’ भी बैक-फ़ुट पर ?

मौजूदा आम चुनाव में पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख दैनिक ’हिन्दुस्तान’ तथा ’दैनिक जागरण’ द्वारा चुनाव रिपोर्टिंग के प्रेस परिषद द्वारा जारी दिशा निर्देशों की खुले आम धज्जियाँ उड़ाने के बारे में मैंने ४ अप्रैल , २००९ को लिखा था । प्रेस परिषद की शिकायत प
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गुमटी नंबर अठारह में हाईडिलबर्ग

जीत गया जी मैं तो चुनाव जीत गया, मतलब अपने ब्लाग पर हुए सर्वै में मुझे अस्सी परसेंट वोट मिले हैं-ब्लागबाजी में बिजी एक नेता ने बताया। पालिटिक्स बहुत मेहनत वाला काम है, साहब। सिर्फ माइक पर, टीवी पर, अख़बार में, मैगजीन में झूठ बोलकर काम नहीं चलता। आनला
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