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दर्शक से श्रोता में तब्दील होने की दास्तान

'स्पोर्ट्स डे' की तरह ही स्कूल के 'वार्षिक प्रोग्राम' की तैयारी भी बड़े लगन और मेहनत से की जाती है.पर इसमें सारा दारोमदार टीचर पर होता है.प्रोग्राम के चयन से लेकर सैकड़ों बच्चों में से कुछ को चुनना फिर रिहर्सल करवाना.कॉस्टयूम निश्चित करना..आजकल वार्षिक
टैग: drama
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...काय झालास तू!

खूप वर्षांनंतर परवा पुरुषोत्तम नाट्य स्पर्धेची प्राथमिक फेरी पाहण्याचा योग आला. ऐन रविवारी भल्या पहाटे उठून नऊ वाजेपर्यंत "भरत'वर पोचायचं खरंतर जिवावर आलं होतं. तरीही प्राथमिक फेरीतील काही नाटकं पाहण्याचा योग आला आहे, तर कशाला दवडायचा म्हणून जायचं ठरवल.
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PLAY : HAMEERPUR KI SUBAH

A great script " HAMEERPUR KI SUBAH", one of my senior directors dirercted it and I acted as Asstt. Director and did the lighting effects in the play too. Total six charecters with female in lead role. Its a short length play (50 min.), with a tremendous
 
बालकृष्ण अय्य्रर
टैग: drama