पसंद करें
4
नापसंद करें

कुत्ताकथा और भाषाई जातिवाद: क्‍या रवीश जातिवादी हैं?

खिसियानी बिल्‍ली... [13 May 2010 | Read Comments | ] राजकिशोर ♦ अपनी आलोचना से मैं विचलित नहीं होता। ऐसे मामलों में परंपरागत बुद्धिमत्ता यही है कि कुत्ते भूंकते रहते हैं और हाथी चलता जाता है। Read the full story »झारखंड भवन पर प्रदर्शन [13 May
 
अविनाश
पसंद करें
0
नापसंद करें

आप जिसे अनैतिक कहते हैं, वह अपराध नहीं है

पांडेय की हिंदी बोगस [07 May 2010 | Read Comments | ] गिरीश मिश्र ♦ मैंने मैनेजर पांडेय की ताजा किताब ‘आलोचना की सामाजिकता’ देखी है। उससे मुझे लगा कि मैनेजर पांडे को तो हिंदी लिखने का शऊर भी नहीं है। Read the full story »अव्‍वल आने के बावजूद
 
अविनाश
पसंद करें
0
नापसंद करें

मायावती के गले में नोटों की माला से किनको दिक्‍कत है?

हमारा ऐसा मुल्‍क, उफ्फ! [20 March 2010 | Read Comments | ] डेस्‍क ♦ बटला हाउस इनकाउंटर में मारे गये युवकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उन्‍हें पहले शारीरिक यातना देने के स्पष्ट प्रमाण पाये जाने के बाद इसकी जांच जरूरी है। Read the full story
 
अविनाश
पसंद करें
2
नापसंद करें

वैदिक बोले, आरक्षण में आरक्षण से राबड़ीवाद दन्‍नाता

अच्‍छी फिल्‍म, बुरे दर्शक [11 March 2010 | Read Comments | ] मधुकर पांडेय ♦ इस बेहतरीन फिल्‍म के साथ जैसा दुर्व्‍यवहार हो रहा है, वह अफसोसनाक है। मेरे हिसाब से इस फिल्‍म को पूरे देश में करमुक्‍त कर देना चाहिए। Read the full story »दून में शब्‍द
 
अविनाश
पसंद करें
3
नापसंद करें

बज्‍ज की बालकनी में टंगी गम और खुशी की दो चादर

अच्‍छी फिल्‍म, बुरे दर्शक [11 March 2010 | Read Comments | ] मधुकर पांडेय ♦ इस बेहतरीन फिल्‍म के साथ जैसा दुर्व्‍यवहार हो रहा है, वह अफसोसनाक है। मेरे हिसाब से इस फिल्‍म को पूरे देश में करमुक्‍त कर देना चाहिए। Read the full story »दून में शब्‍द
 
अविनाश
पसंद करें
1
नापसंद करें

बज्‍ज पर महिला आरक्षण के बाजे में कुछ ‘कंकड़’ भी थे

जन्‍मशती पर आयोजन [8 March 2010 | Read Comments | ] डेस्‍क ♦ सात मार्च की शाम आईआईसी में अज्ञेय की कविताओं को सुनने के लिए लेखक, कलाकार, संगीतकार, नाट्यकर्मी और पत्रकार भारी तादाद में जुटे थे। Read the full story »संसद में शौचालय [8 March 2010
 
अविनाश
पसंद करें
1
नापसंद करें

क्या अनिल चमड़िया का टर्मिनेशन अवैध है?

strong>पत्रकार, शिक्षक और सामाजिक आंदोलनों के कार्यकर्ता अनिल चमड़िया की महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पद से नियुक्ति रद्द किया जाना कई सवाल खड़े करता है। सवाल 1 : क्या दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 13 जनवरी को हुई
 
दिलीप मंडल
पसंद करें
4
नापसंद करें

मोदी और नीतीश के मानकों पर बसु को क्‍यों कसना चाहते हैं?

विश्‍वदीपक ♦ ‘सफल मुख्यमंत्री’ की चर्चा करके क्या दिलीप जी राजनीति के सबसे सरलीकृत मुहावरे का शिकार नहीं हो रहे? अगर उनके कुछ पैमाने अलग कर दिये जाएं तो फिर नरेंद्र मोदी से सफल मुख्यमंत्री कौन है हमारे यहां? आजकल नीतीश कुमार भी उसी सफलता की राह पर हैं।
 
अविनाश
पसंद करें
3
नापसंद करें

इस तरह का अलगाववाद बहुत ख़तरनाक है

उन्हें इस देश की सड़कें नापसंद हैं। वो ज्यादातर सफर हवाई जहाज से करते हैं और हो सके तो हवाई जहाज से सिटी सेंटर तक आने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तमाल करते हैं। भारत में दुनिया के लगभग सारे लक्जरी ब्रांड मिलने लगे हैं लेकिन वो शॉपिंग के लिए लंदन, पेरिस और
 
दिलीप मंडल