सरकार, निगम और मानवता
कुछ दिन पहले एक सत्य प्रस्तुत किया था,दिल्ली बनेगी दुल्हन,उजाड़ दिया था बसेरा ग़रीबों का,दिल्ली सरकार और नगर निगम ने,छीन ली थी टूटी फूटी छत,ग़रीबों के सर से,गरीब रोते रहे, बिलखते रहे,किसी का दिल नहीं पसीजा,न सरकार में, न निगम में,अदालत ने हुकुम दिया,तब
Jan 08 2010 08:10 PM



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