ज़िन्दगी भर तुझे हम मनाते रहे.
ज़िन्दगी भर तुझे हम मनाते रहे. छ: महीने से कोई ग़ज़ल नहीं हुई थी... इसलिए इसको लिखने के बाद सीधे ही पोस्ट कर रहा हूँ, hat-trick पोस्ट type (3 दिन 3 पोस्ट). मुस्कुराते रहे, दिल लुभाते रहे, बात कुछ और थी, तुम छुपाते रहे. दर्द जैसे मुसलसल ग़ज़ल हो
Dec 03 2009 11:36 PM



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