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दर्द का गीत

___________________________मैं गीत लिखता हूँ और दर्द गुनगुनाता हूँयह बात अक्सर समझ नहीं आती / मैं प्रेम करता हूँ और विश्वास हो जाता हूँ यह बात अक्सर नज़र नहीं आती /मैं देह जीता हूँ और मन ढोता हूँयह बात कभी खबर नहीं बनती /मैं
 
prkant
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