शाल :: रेवा
कभी कभी विषयी चीज़ों से हमारी कितनी गहरी भावनाएं जुड़ जाती हैं। आश्चर्य होता है बाद में सोच कर लेकिन मन मानता नहीं की उन भावनाओं को त्याग दे। ऐसे ही कुछ भावनाएं मेरे बनाये हुए इस छोटे से शाल से जुड़ गयी हैं और जब भी इससे देखती हूँ या हाथ में लेती हूँ तो मन
Feb 09 2010 01:57 AM



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