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विकासवादी और पुरातनवादी-हिन्दी कविता

स्त्री का भला करेंगे, बच्चों को खुश करने के दावें भरेंगे, वृद्धों का उद्धार करेंगे, मजदूरों को न्याय देंगे, गरीब को करेंगे अमीर, और लाचार का सहारा बनेंगे, ऐसे दावे धोखा है, बेईमानी का खोखा है। समाज को एक जैसा बनाने की कोशिश करने वाले विकासवादी अक्लमंद
 
दीपक भारतदीप