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मन के फरेब
सच कुछ भी हो पर मन माने तब ना। वह तो विचार ढूँढे रखता है अपने आप को बहला कर रखने के लिये। अपने मुताबिक शब्दों की खुराक से मन का पेट तो भर जाता है पर वक़्त की कसौटी पर ऐसे बहलाव ऐसे छलावे खतरनाक ही साबित होते हैं। पर मन की [...]
May 23 2010 06:15 PM



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