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मैं अकेला हूं धुंध में 'पंचम' : गुलज़ार, भूपिंदर और 'चांद परोसा है'

कल यानी चार जनवरी को 'पंचम' की याद का दिन होता है । पंचम : आर.डी.बर्मन । 'पंचम' को गए सोलह बरस हो गए पर सोलह पल भी ऐसा नहीं लगा कि वो हमसे दूर हैं । दरअसल  इस दौरान रोज़ाना पंचम के गाने कैसेट्स, कंपेक्‍ट डिस्‍क, आइ पॉड्स और एफ.एम.स्‍टेशनों पर लगातार
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यार जुलाहे : गुलज़ार की नज़्म के दो रूप ।

'रेडियोवाणी' पर मैंने पहले भी गुलज़ार, विशाल भारद्वाज और सुरेश वाडकर के अलबम 'बूढ़े पहाड़ों पर' की चर्चा की थी । लेकिन तब 'सुनवाने' की उन तकनीकों का ज्ञान नहीं था, जिनका प्रयोग अब 'रेडियोवाणी' पर अब किया जाता है । बहरहाल पिछले कुछ दिनों से भूपिंदर-मिताली
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