इतना अंतराल लिखने में कभी नहीं रहा..
पहले जब पोस्ट लिखने या नहीं लिखने का कोई सवाल मन में नहीं रहता था. जो आया, जिस पर आया, जमकर लिखा. लेकिन अब लगता है, जैसे सवालों की कमी हो गयी है या कोई ऐसी परिस्थिति सामने बनती या बिगड़ती नहीं दिखाई पड़ती, जहां से कुछ लिखना शुरू किया जाये. संवेदनाओं या
Jun 09 2010 04:08 PM



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