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12 जून का महत्व

आज मैं पार्टी की दो-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के लिए पटना में हूं। पार्टी अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी द्वारा गठित नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यह पहली बैठक होगी। कार्यकारिणी में बहुत से पहली बार बने सदस्यों के लिए आज की तिथि अपने आप में महत्वपूर्ण
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वामपंथ का ढहता दुर्ग

ममता बनर्जी ने इतिहास रच दिया है। कोलकाता के एक अग्रणी दैनिक ने उनकी विजय गाथा को मुख पृष्ठ पर इस शीर्षक से प्रकाशित किया है: ”कोलकाता की महारानी, अभी बंगाल की नहीं।” (Queen of Calcutta, Not of Bengal yet ). वे संभवतया वह भी बन जाएं, उन्हें
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लोकसभा और विधानसभाओं का निश्चित कार्यकाल

नवम्बर, 2008 में बराक ओबामा संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्येक चार वर्ष पश्चात् होता हैं। अत: आगामी चुनाव नवम्बर 2012 में होगा। कानून में चुनाव की निश्चित तिथि तय है, जो कहता है कि चुनाव ”नवम्बर
 
लाल कृष्ण आडवाणी
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एक बंधन जो देश को बांधे रखता है

मेरे और मेरी सुपुत्री प्रतिभा के लिए पिछला सप्ताह सदैव अविस्मरणीय रहेगा। लगातार दो दिनों तक हमने दो ऐसे पवित्र स्थलों की यात्रा की जिन्हें देखने के लिए हम काफी समय से सोच रहे थे। पहला गंगोत्री था जोकि पवित्र गंगा का उद्गम स्थल है। गंगोत्री से 19 किलोमीटर
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सच्चर कमेटी : गुजरात के मुस्लिमों के बारे में आंखें खोल देने वाले तथ्य

3 मई के अपने ब्लॉग में मैंने गुजरात के स्वर्ण जयंती समारोह के बारे में लिखा था। उसमें मैंने बताया था कि कैसे नरेन्द्रभाई मोदी ने एक प्रशासनिक कार्यक्रम को लोगों के कार्यक्रम में परिवर्तित कर और प्रत्येक नागरिक को, प्रत्येक क्षेत्र में गुजरात को एक आदर्श
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फोन टेपिंग, सीबीआई का दुरुपयोग और आपातकाल

पिछले पखवाड़े, नई दिल्ली से प्रकाशित ‘आउटलुक’ पत्रिका ने एक सनसनीखेज रिपोर्ट प्रकाशित की थी कि कैसे एक केंद्रीय मंत्री, एक मुख्यमंत्री, एक कांग्रेसी महासचिव और सीपीएम पार्टी के एक प्रमुख नेता के फोन टेप किए जा रहे हैं और उनकी बातचीत को टेप
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गांधीनगर में महात्मा मन्दिर

अहमदाबाद का सरदार पटेल स्टेडियम एक विशाल स्टेडियम है। वास्तव में 54000 सीटों की क्षमता वाला यह गुजरात का सर्वाधिक बड़ा स्टेडियम है। यहां मैं पिछली बार दिसम्बर, 2007 में विधानसभा चुनावों में भाजपा की शानदार विजय के बाद श्री नरेन्द्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल
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क्या आपातकाल वापस लौट आया है?

‘आऊटलुक’ (3 मई, 2010) पत्रिका के ताजा अंक में एक चौंकाने वाली रिपोर्ट प्रकाशित हुई कि कैसे भारत सरकार नवीनतम फोन टेप तकनीक का प्रयोग करते हुए प्रमुख राजनीतिक नेताओं के टेलीफोन र्वात्तालाप का रिकार्ड तैयार कर रही है। इन नेताओं में बिहार के
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विदेश में जमा गुप्त भारतीय धन पर श्वेत पत्र की जरुरत

जब वर्ष 2008 में भारतीय जनता पार्टी ने सबसे पहले स्विस बैंकों और अन्य टैक्स हेवन्स में भारतीय धन के गुप्त रुप से जमा होने के मुद्दे को उठाया तो कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ताओं ने इसका मजाक उड़ाया। वे सवाल करते थे कि जब एनडीए ६ वर्ष के लिए सत्ता में थी,तब इस
 
लालकृष्ण आडवाणी
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अनिवार्य मतदान - प्रासंगिक एवं अपरिहार्य

नई दिल्ली में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार 1975 के आपातकाल के विरूध्द लोगों के गुस्से का परिणाम थी। श्री मोरारजी देसाई के नेतृत्व वाली सरकार में मुझे सरकार में जाने का पहला अनुभव हुआ। प्रधानमंत्री जी ने मुझसे पूछा था कि क्या मंत्रालय के विषय में मेरी कोई
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यूपीए सरकार की ढुलमुल पाकिस्तान नीति और देश का अपमान

जुलाई, 2001 में जब जनरल मुशर्रफ आगरा शिखर वार्ता से खाली हाथ लौटे तो वह भारत सरकार से काफी खफा थे कि एक तो उन्हें निमंत्रित किया गया और उस पर भी उन्हें खाली हाथ लौटा दिया-यहां तक कि कोई संयुक्त वक्तव्य भी जारी नहीं किया गया जिसमें भारत-पाक शांति के बारे
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नेहरु की विदेशनीति की भयंकर भूल - चीन और पाकिस्तान

कांग्रेस पार्टी सदैव पण्डित नेहरू को भारत की विदेश नीति के अनुकरणीय कर्णधार के रूप में प्रस्तुत करती रही है। दूसरी ओर, हमारे राजनीतिक आन्दोलन के संस्थापक डा0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पाकिस्तान और चीन के सम्बन्ध में पण्डितजी की नीति को भयंकर भूल मानते रहे
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क्या यह वाशिंगटन का दबाव है?

सन् 2008 में राष्ट्रपति पद के चुनाव अभियान के दौरान बराक ओबामा ने टिप्पणी की थी कि यदि वे राष्ट्रपति चुन लिए जाते हैं तो ”कश्मीर संकट के समाधान के लिए पाकिस्तान और भारत के साथ मिलकर गंभीरता से कार्य करना” उनके प्रशासन के महत्वपूर्ण कार्यों