हिंदी ब्लॉगजगत में कोई गुटबाजी नहीं है…
जैसे पूरा हिन्दुस्तान विभिन्न कला-संस्कृति, बोल-चाल, रहन-सहन के आधार पर बंटा हुआ है. उसी प्रकार यह समूचा ब्लॉग-जगत भी है. मेरा अनुभव यही कहता है की यहाँ कोई
गुटबाजी नहीं है. ऐसा कुछ दिखना एक स्वाभाविक परिणति है. तेजी से बढती हुई ब्लोगेरों की भीड़ को हम
Nov 18 2009 04:20 PM



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