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रमई काका के जनम दिन पै यक कविता : '' धरती हमारि '' ...

पढ़ैयन का राम राम !!!' अवधी कै अरघान ' की महफ़िल मा आप सबकै स्वागत अहै ..आज रमई काका कै जनम दिन आय .. काका कै जनम २  फरौरी १९१५ मा भा रहा ..  अबहीं कुछ देरि पहिले काका जी के सुपुत्र सिरी अरुण त्रिवेदी जी से बात भै
 
अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी
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