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मेरी जिन्दगी का मकसद दो वक्त की रोटी.... My life ambition two times food in a day

           मेरी ज़िन्दगी का मकसद "दो वक्त की रोटी"...... ये अलफ़ाज़ एक सात-आठ साल के बच्चे ने मुझसे कहे। कल मैं अपने भतीजे को स्कुल से ला रहा था तो सिग्नल एक सात-आठ साल का बच्चा मुझे भीख मागंने लगा ये सब पहले आगरा में नही होता
 
काशिफ़ आरिफ़/Kashif Arif
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