शायर, सिंह और समोसे
कहावतें चलती रहती हैं, हालात बदल जाते हैं। कहावत चल रही है, लीक छोड़कर तीन चलें, शायर, सिंह,सपूत। सिंह तो अब बचे नहीं, तमाम अभयारण्यों से खबरें आ रही हैं कि सिंह अब देखने को भी नहीं बचे हैं। लीक क्या छोड़ेंगे, सिंह तो दुनिया ही छोड़ गये। शायरों पर बह
Jul 20 2009 04:26 AM



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