तुम भी हम जैसे ही निकले
फासिस्ट ताकतें किसी भी धर्म या देश की हों, वे अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का मौका तलाशती रहती हैं। वैसे सालों साल अल्पसंख्यकों के ज़हर उगलने का प्रचार अभियान तो जारी रहता ही है। यह हालत भारत में ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी है, वहां के
May 31 2010 02:37 PM



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