2
जन-गन मंगल दायक जय हे
सुबह के साढ़े आठ बज रहे है. सुनहरी धूप खिली है. मध्धम हवा चल रही है, सड़के जैसे धुली हुई हैं. हर तरफ चहल-पहल है. लगता है कुछ होने वाला है जिसके लिए सब उत्साहित हैं. हमारे जैसे बच्चे तो रात भर सोये भी नही. यही लगता रहा अभी ज़रा एक देर में सुबह हो जायेगी
May 26 2010 02:11 PM



Shuffle








