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क्या होगा दिसंबर 2012 में ???

प्रस्तुति - ज्ञान प्रकाश क्या 2012 में दुनिया ख़त्म हो जायेगी ? क्या ' माया ' सभ्यता की भविष्यवाणी सच होगी ? इन सवालों ने लोगों को उलझा दिया है ! माया सभ्यता का कैलेण्डर : 2012 के दिसंबर में दुनिया के ख़त्म होने की बात सबसे पहले ' माया ' सभ्यता के कै
 
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भाषा प्रवाह मतलब “मन का रेडियो बजने दे ज़रा!”

वैचारिक प्रवाह लहर है उसकी अपनी गतिक ऊर्जा है जिसमे बहना होता है! फ़िर जब शब्दों और भावों का कनेक्शन जुड जाता है – अभिव्यक्ति का बल्ब का जल जाता है. फ़िर उसमे आप बाकी तानें-मुरकियां (रस/उपमाएं/अलंकार) मिला सकते हैं. मैने भी की हैं कुछ कोशिशें.
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चिट्ठाचर्चा: ये दुरूह आत्मपीडक कर्म कर कैसे लेते हैं आप?

आज जब चिट्ठाचर्चा की तुलना देसीपंडित से करता हूं तो पाता हूं कि आज अंग्रेजी वालों के पास भी इसकी टक्कर का कोई उपक्रम मौजूद नही है!
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तोहफे में दिया- चाँद पर प्लाट

प्रस्तुति - राजवीर सिंह , कानपुर कुछ समय पहले बालीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान को उनके विदेशी फैन ने चाँद का टुकडा गिफ्ट किया तो पूरे देश में चर्चा हुयी थी ! वह किंग खान हैं तो कानपुर के मोहम्मद सिद्दीक भी कुछ कम नहीं ! उन्होंने अपनी शादी की गोल्ड
 
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भारत : आम चुनावों में लगी जनता की पैनी नज़र

भारत में होने जा रहे इस बार के आम चुनावों में वोट रिपोर्ट इंडिया जैसे विविध माध्यमों के जरिए आम जनता अपनी आवाज बुलंद कर रही है और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघनों के मामले सबके सामने ला रही है.
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सोचते हैं उदास ही हो जायें

लोग क्या मैं खुद सोचता हूं कि कभी-कभी कुछ देर बैठ के सोचना चाहिये। अब आप कह सकते हैं बैठ के क्यों लेटकर काहे नहीं? ऊ इसलिये कि लेट के सोचने से नींद आ जाती है। और एक बार नींद आई तो फ़िर और किसी को हाथ नहीं धरने देती। बहुत पजेसिव है। कोई रकीब [...] SHAR
 
फ़ुरसतिया
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