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दिल्ली एक विश्व स्तर का शहर है - इसे हास्य कहूं या व्यंग ???

केंद्र में कांग्रेस सरकार और दिल्ली की मुख्य मंत्री यह दावा करती हैं कि दिल्ली एक विश्व स्तर का शहर है - यह हास्य है. दिल्ली की जनता ने शीला जी को तीसरी बार मुख्य मंत्री बनाया - यह व्यंग है. मैंने उन्हें वोट नहीं दिया. इस का एक कारण था कि मैंने डीडीए
 
Suresh Chnadra Gupta
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दिल्ली भी बन सकती है पेरिस

भारत देश समस्याओं का पिटारा है, लेकिन साधनों का टोकरा भी है। पहले वाक्य कि भारत समस्याओं का पिटारा है का बखान गाहे-बगाहे हमारे नेता और ब्यूरोक्रेट्स करते रहते हैं। वहीं दूसरी बात कि हमारे देश में साधन की भी कमी नहीं के लिए यह तर्क दिया जा सकता है कि
 
हरिओम त्यागी
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पचासवीं पोस्ट और मेरी पहली कहानी..."उन्माद की उड़नतश्तरी"

पचासवीं पोस्ट और मेरी पहली कहानी..."उन्माद की उड़नतश्तरी" यह आज मेरी 50 वीं प्रविष्टि है. शुरू-शुरू में बस ब्लोगिंग क्या होती है; इस आशय से शुरू किया था. पर जब मैंने देखा कि एक विशाल और विज्ञ पाठक समूह जाल पर है और सक्रिय रूप से अपनी प्रखरता और सजगता
 
श्रीश पाठक 'प्रखर'
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ताऊ पहेली - 47 : विजेता श्री शुभम आर्य

प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 47 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है लोटस टेंपल दिल्ली. लोटस टेंपल दिल्ली आईये अब आज के विजेताओं से आपको मिलवाते हैं. "आज के विजेता गण" &nb
 
ताऊ रामपुरिया
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ये कहा आ गएँ हैं हम ; यूँ ही साथ-साथ चलते ......

बड़ी दिलकश लगती है ये लाइन ... हम साथ - साथ गुनगुनाने भी लगते हैं । ज़रा गुनगुनाने की बजाय आज इस पर गौर करें ... आख़िर एक और मौका मिला है ; जब देशभक्ति की उमंगे हिलोरें ले रही हैं । साथ - साथ चलते हम अलग - अलग नही चलने लगे हैं ? अभी कुछ ही दिनों पहले
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शिवराज जी ड्रेस की नहीं देश की चिंता करो !

देखिए जी हमने तो सोचा था कि कुछ ना बोलेंगे.. लेकिन अब करें भी तो क्या करें... देख कर चुप भी तो नहीं बैठा जाता... आखिर हम भी इसी देश के रहने वाले हैं जहां पर मुफ्त में सलाह हर गली मोहल्ले में मिल जाती है.. चलिए मेरे पहले ब्लॉग की शुरूआत इस दुखभरी खबर
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होम वर्क की वर्कशाप

दिल्ली के स्कूलों का एक अघोषित उद्देश्य यह भी है कि पेरेंट्स को भी प्रोग्रेस, ज्ञान और विद्या के पथ पर अग्रसर करते रहे हैं। संस्कृत के एक श्लोक का आशय है कि विद्यार्थिनो को कुत सुख यानी विद्यार्थियों को सुख कहां। सो दिल्ली के स्कूल पेरेंट्स के सुख हर
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टमाटर और सरकार का कोआर्डिनेशन

इकोनोमिक एक्सपर्ट बता रहे हैं कि सस्ताई आ गयी है, महंगाई दर नहीं अब सस्ताई दर सामने आ रही है। 6 जून को खत्म हुए हफ्ते में 1.61 प्रतिशत सस्ताई आ गयी। मैं सब्जी बाजार में गया और सब्जी वाले को बताया सस्ताई आ गयी है। टमाटर कितने सस्ते हुए। सब्जी वाला हंस
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हम वापिस आ गए :)

आज बड़े दिनों बाद जब मेल बॉक्स देखा तो अल्पना जी का मैसेज पढ़ा तो सोचा की आज एक छुटकी सी पोस्ट लिख ही दी जाए । अल्पना जी हमारे गायब होने पर हमारी खोज ख़बर लेने का शुक्रिया । दरअसल कुछ परेशानी के चलते अप्रैल से जून तक हम दिल्ली और इलाहाबाद मे थे और उस
 
mamta
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उनके रास्ते पर चलते हुए

बच्चों को क्लास में समझाया कि महान नेताओं के रास्ते पर चलना चाहिए। शाम को एक बालक ने इनफोर्म किया कि एक बड़े नेता के नाम पर उसने नया धंधा खोला है मैरिज ब्यूरो का। मैरिज ब्यूरो में मैंने देखा शरद पवारजी की बहुत बड़ी फोटू लगायी गयी। कंप्यूटर के [...]
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हड़ताली कूड़ा बनाम नान हड़ताली कूड़ा

पिछले दिनों जाना पड़ गया दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में। कूड़े के ढेर थे, वार्ड के सामने, हमेशा की तरह नार्मल मानकर मैं नाक पर रुमाल रखने लगा। तब ही एक हड़ताली कर्मचारी आकर बोला-फर्क दिख रहा है ना, हम हड़ताल पर हैं। मैंने इतना भर फर्क है कि पहले कूड
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यमराज का व्हीकल

एक अमेरिकन को दिल्ली घुमा रहा था। अचानक, एक ब्लू लाइन बस से दूसरी ब्लू लाइन बस आगे निकल गयी। फिर पीछे रहने वाली बस ने छलांग मारी और वह फिर आगे निकल गयी। इस बस से कंडक्टर निकला और पीछे वाले ड्राइवर पर धुआंधार गोलियां चलाना शुरु कर दिया। गोलीचालक कंडक्