मालिक तेरी रजा रहे, बाकी न मैं रहूँ न मेरी आरजू रहे
जहाँ तक मैं समझता हूँ कि पिछली सँदर्भित कड़ी सहित परिचय श्रृँखला की यह कड़ियाँ सँभवतः श्री भगवतीचरण वर्मा के कनिष्ठ भ्राता और बिस्मिल जी के अभिन्न मित्र श्री शिव वर्मा ने
Feb 23 2010 10:50 PM



Shuffle








