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हाउसफुल

फिल्म समीक्षाहाउसफुल कॉमेडी से फुलधीरेन्द्र अस्थाना निर्देशक साजिद खान ने कुछ दिन पहले कहा था - ‘मैं इस बात को नहीं मानता कि सिनेमा समाज को बदल सकता है। हां मैं यह जरूर मानता हूं कि सिनेमा समाज को खुश रखने का काम कर सकता है।‘ सार्थक, या अर्थपूर्ण या
 
dhirendra asthana
टैग: 1 मई