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जब भूख लगती है

दुनिया में प्रेम की तरह भूख भी एक ऐसी जुबान है जिसे किसी को भी सीखना या सिखाना नहीं पढता. इसके साथ ही इसकी एक और खासिअत यह भी है कि यह जाति पाति उंच नीच और रंग नसल भेद को भी मिटा देती है. जैसे नींद आने पर बिस्तर नहीं देखा जाता कि वह कैसा है उसी तरह
 
Rector Kathuria
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एक सूचना आप सभी साथियों को।

"जिदंगी के रंग" जब जान लेती थकान के बाद भी आपको नींद ना आए तो ख्याल जरुर आ जाते हैं। और इन्हीं ख्यालों की गलियों में आवारागर्दी करते हुए आप कब सो जाते है पता ही नहीं चलता। इन्हीं गलियों में पिछले दिनों मुझे एक ख्याल मिला जिससे मिलकर बहुत ही अच्छा
 
सुशील कुमार छौक्कर