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कहीं हम आडम्बरी तो नहीं होते जा रहे हैं?

पिछले दिनों दिल्ली विश्वविद्यालय के कुछ महाविद्यालयों के पत्रकारिता से जुडे छात्रों के मध्य विदेश नीति और भारत की सामरिक चुनौतियों से सम्बन्धित विषय पर मुझे इन छात्रों को सम्बोधित करना था। कार्यक्रम के उपरांत राजस्थान की एक पत्रकारिता छात्रा ने अनौपच
 
अमिताभ त्रिपाठी
टैग: क़ुरान
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कौन है साम्प्रदायिक आप ही निर्णय करें?

कुछ दिनों पूर्व मैने अपने ब्लाग पर एक लेख लिखा था कि भारत में मुस्लिम साम्प्रदायिकता को उभारने का व्यापक षड्यंत्र हो रहा है। यह कार्य सुनियोजित ढंग से किया जा रहा है ताकि देश में शरियत और क़ुरान आधारित व्यवस्था का सूत्रपात किया जा सके। इसी क्रम में इस
 
अमिताभ त्रिपाठी
टैग: क़ुरान