पसंद करें
5
नापसंद करें

खिचड़ी पोस्ट

पिछले दिनों कई बातें ऐसी रहीं जिन्हे ब्लाग पर डालना चाहता था लेकिन मसरूफ़ियत के चलते टलती रहीं। आज काम पूरा हो गया और दिल्ली रवाना हो रहा हूँ तो सनद के तौर पर यहाँ चिपका रहा हूँ।* सण्डे के टाइम्स (३१ जनवरी) में स्वप्न दास गुप्ता ने भाषा पर बात की है,
 
अभय तिवारी