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हज़ल

हज़ल होली की आप सब को हार्दिक शुभकामनायेंआज कहानी की आखिरी किश्त  बीच मे रोक कर  अपने छोटे भाई पंकज सुबीर के आदेश पर ये हज़ल पेश कर रही हूँ आप जानते हैं कि रिटायरी कालोनी मे तो होली मनाई नही जाती, तो हमने सोचा कि  पंकज सुबीर के मुशायरे मे
 
निर्मला कपिला
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