पिया संग खेलब होरी...
सखि ऊ दिन अब कब अइहैं,पिया संग खेलब होरी ।बिसरत नाहिं सखी मन बसियाकेसर घोरि कमोरी ।हेरि हिये मारी पिचकारीमली कपोलन रोरी ।पीत मुख अरुन भयो री -पिया संग खेलब होरी । अलक लाल भइ पलक लाल भइतन-मन लाल भयो री ।चुनरी सेज सबै अरु नारीलाल ही लाल छयौ री ।आन कोउ रंग
Feb 23 2010 10:26 AM



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