पसंद करें
2
नापसंद करें

महानगरों में कम होते जिन्दगी के मायने

बात-बात पर जान लेने से पीछे नहीं हट रहे दिल्ली वालेलगता है दिल्ली सरीखे महानगरों में रहने लोग मानवीय संवेदनाओं से दूर होते जा रहे हैं। क्योंकि, छोटी-छोटी बातों पर भी लोग एक दूसरे की जान लेने से नहीं चूक रहे हैं। लोगों का गुस्सा और तनाव तो आदिम युग की
 
shailesh kumar vijay