तुम्हारी सादगी ही उनके
प्रीत दिल में और मधुर सी मुस्कान लब पे मेरी दीवानगी की बस इतनी ही वज़ह है. तुम्हारी सादगी से रूपसी हूरें सुलगती हैं तुम्हारी सादगी ही उनके सुलगने की वज़ह है
Dec 09 2009 12:28 AM



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