ग्लोबलाइजेशन चीजों को टुकडों में देखता है - प्रभाष जोशी - बातचीत - 1997 प्रभात खबर
राष्ट्रीय पुनरनिर्माण के मुद्दों पर बहस में भाग लेने आए लोगों में वरिष्ठ पत्रकार प्रभाष जोशी भी अन्य वक्ताओं के साथ अनुग्रहनारायण संस्थान की अतिथिशाला में ठहरे थे। सुबह नौ बजे मैं पहूंचा तो कमरे में आसा के एकाध लडके थे। बेड पर उनकी चौडे पाढ वाली
Mar 29 2010 11:33 AM



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