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चार टोटके ले कर खड़े हैं ...........

मूर्ख हैं वे जो लम्बी-लम्बी रचनाओं के सृजन में पड़े हैंहिट तो वे हैं जो मंच पर केवल चार टोटके ले कर खड़े हैं -बाबा सत्यनारायण मौर्य
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आओ बचाएं हिन्दी कवि सम्मेलनों की स्वस्थ परम्परा .....

हास्य कवि सम्मेलनों के मंच पर एक हंगामेदार पैरोडीकार के रूप में पिछले25 वर्षों के दौरान मैंने देश के लगभग सभी नामी ग़िरामी कवियों-कवयित्रियों के साथ कविता पढऩे का आनन्द और गौरव प्राप्त किया है. साथही साथ यह कटु अनुभव भी प्राप्त किया है कि बड़े और महंगे