हास्य कवि सम्मेलनों के मंच पर एक हंगामेदार पैरोडीकार के रूप में पिछले25 वर्षों के दौरान मैंने देश के लगभग सभी नामी ग़िरामी कवियों-कवयित्रियों के साथ कविता पढऩे का आनन्द और गौरव प्राप्त किया है. साथही साथ यह कटु अनुभव भी प्राप्त किया है कि बड़े और महंगे