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मॉनसून क्यों और मानसून क्यों नहीं?

प्रमोद जोशीमैने हाल में अपने ब्लॉग में कहीं मॉनसून शब्द का इस्तेमाल किया। इसपर मुझसे एक पत्रकार मित्र ने पूछा मॉनसून क्यों मानसून क्यों नहीं? मैने उन्हें बताया कि दक्षिण भारतीय भाषाओं में और अंग्रेज़ी सहित अनेक विदेशी भाषाओं में ओ और औ के बीच में एक
 
प्रमोद जोशी
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गूगल की उर्दू – कराची मतलब भारत

गूगल ने उर्दू के शौकीनों के लिए बहुत ही नायाब टूल उपलब्ध करा दिया है। पिछली 13 मई से गूगल अनुवादक में उर्दू जोड़ दी गई है, यानी आप अब उर्दू से, या उर्दू में, दर्जनों भाषाओं का अनुवाद कर सकते हैं। गूगल ट्रान्सलेट पर जाइए, “Translate from” में
 
रमण कौल
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Shoonyakonn's Blog... ।शून्यकोण।

होठों पर उफ़्फ़ है ये मदिरा साँच बराबर तप है ये मदिरा
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 14 – परिशिष्ट – जरूरी लिंक और कड़ियाँ

पिछले अध्याय 13 से जारी… अध्याय 14 परिशिष्ट परिशिष्ट 1: लिनक्स कड़ियाँ लिनक्स संबंधी जानकारियों के लिए दो महत्वपूर्ण साइटें – http://linux.org तथा http://linux.com लिनक्स कर्नेल की आधिकारिक साइट – http://kernel.org लिनक्स उपयोग संबंधी दस्तावेज़ीकरण साइट
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 13 – लिनक्स टिप्स एंड ट्रिक्स

पिछले अध्याय 12 से जारी… अध्याय 13 लिनक्स टिप्स एंड ट्रिक्स आपने ऊपर के अध्यायों में लिनक्स में कार्य संबंधी तमाम मूलभूत बातें पढ़ीं. लिनक्स में उन्नत रूप में मास्टरी प्राप्त करने के लिए लिनक्स के विविध टिप्स व ट्रिक्स की जानकारी भी रखना आवश्यक हैं. ये
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 12 - उबुन्टु लिनक्स में प्रोग्रामों को हटाना और जोड़ना (इंस्टॉलेशन और अन-इंस्टॉलेशन)

अध्याय 12 उबुन्टु लिनक्स में प्रोग्रामों को हटाना और जोड़ना (इंस्टॉलेशन और अन-इंस्टॉलेशन) – उबुन्टु लिनक्स में नए प्रोग्रामों को संस्थापित करने उन्हें अद्यतन करने और अनावश्यक प्रोग्रामों को संस्थापित करने की बेहद उत्तम सुविधा दी गई है. उबुन्टु के सर्वरों
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 8

पिछले अध्याय 7 से जारी… अध्याय 8 लिनक्स सिस्टम प्रशासन प्रबंधन लिनक्स सिस्टम मेन्यू में आपके कम्प्यूटर और कार्य माहौल को प्रबंधित करने के लिए बहुत से विकल्प उपलब्ध हैं – यहाँ पर आप अपने नेटवर्क, कंप्यूटर की भाषा, हार्डवेयर ड्राइवर, प्रिंटर, सर्विसेज,
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 9

पिछले अध्याय 8 से जारी… अध्याय 9 आइए, अब लिनक्स में कुछ उन्नत काम करें – उबुन्टु लिनक्स में फ़ाइल ब्राउज करें – उबुन्टु लिनक्स में अनुप्रयोग मेन्यू के बाजू में स्थान मेन्यू है. उस पर क्लिक करेंगे तो आपको अन्य विकल्प मिलेंगे - अब आप उपलब्ध मेन्यू में से
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 7

पिछले अध्याय 6 से जारी - अध्याय 7 लिनक्स डेस्कटॉप और उसकी साजसज्जा कमांड लाइन में काम करने का भले ही अपना कुछ अलग मजा हो, मगर माउस क्लिकों के ज़रिए प्रोग्रामों में काम करने आनंद भी कुछ जुदा है. लिनक्स में तमाम कार्य डेस्कटॉप अनुप्रयोगों के ज़रिए माउस
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 11 – लिनक्स के विविध प्रोग्राम

पिछले अध्याय 10 से जारी… अध्याय 11 लिनक्स के विविध प्रोग्राम 11.1 लिनक्स और कम्प्यूटर खेल – खेल और मनोरंजन के बिना कैसा जीवन? आपका कंप्यूटिंग जीवन भी नीरस हो जाए यदि आपके कम्प्यूटर पर सॉलिटेयर जैसा खेल मौजूद न हो. लिनक्स में भी ढेरों, एक से बढ़कर एक
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गज़ल- रंग- ए - दुनिया

देख  बाग़-ए- बहार   है दुनिया चमचमाता निखार है दुनिया । कौन जाने किसे मिले क्या क्या एक खुला सा बज़ार है दुनिया ।जेब में नोट और दिल खाली वाह क्या माल दार है दुनिया ।क्यों ज़रा भी सुकूं नहीं दिल मेंदेख तो लालाज़ार है दुनिया ।शान 
 
Dr.Ajmal Khan
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 6

पिछले अध्याय 5 से जारी… अध्याय 6 लिनक्स फ़ाइल सिस्टम व लिनक्स कमांड 6.1 उबुन्टु लिनक्स की फ़ाइल सिस्टम डिरेक्ट्री वैसे तो आमतौर पर सभी लिनक्स तंत्रों की फ़ाइल सिस्टम की डिरेक्ट्री लगभग एक समान होती है, फिर भी कहीं कहीं छोटे मोटे बदलाव नजर आ सकते हैं. ऊपर
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 5

पिछले अध्याय 4 से जारी… अध्याय 5 आइए, लिनक्स पर कुछ प्रारंभिक काम करें 5.1 लिनक्स पर काम करने के दो तरीके हैं. पहला, पारंपरिक – कमांड लाइन से – कुंजीपट के ज़रिए - ठीक वैसे ही जैसे कि आपने कभी डॉस पर या विंडोज़ के कमांड प्राम्प्ट पर काम किया हो. यहाँ आपको
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 4

अध्याय 4 उबुन्टु अनुप्रयोग मेन्यू – 4.1 आलेखी – इसमें कम्प्यूटर पर चित्रकारी व चित्रों को देखने इत्यादि के अनुप्रयोग होते हैं. 4.2 इंटरनेट – यहाँ आपको इंटरनेट ब्राउजिंग, कनेक्शन व ईमेल संबंधी अनुप्रयोग मिलेंगे. 4.3 कार्यालय – यहाँ आपको वर्ड प्रोसेसर,
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 3

अध्याय 3 उबुन्टु लिनक्स की संस्थापना उबुन्टु लिनक्स की संस्थापना आप अपने कम्प्यूटर पर जिसमें ऐसा हार्डडिस्क लगा हो और जिसमें कोई आवश्यक डाटा न हो उसमें तो आसानी से कर ही सकते हैं, वूबी नामक एक नए इंस्टॉलर के ज़रिए आप अपने विंडोज़ तंत्र के भीतर भी इसकी
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : विषय सूची

लिनक्स आपकी जेब मेंरविशंकर श्रीवास्तवपूर्व टेक्नोक्रैट, तकनीकी सलाहकारआभारइस किताब को आप तक लाने में बहुत से मित्रों का अप्रतिम सहयोग मिला है. जी. करुणाकर, राजेश रंजन, रविकांत, गोरा मोहंती, देबाशीष के सक्रिय सहयोग व प्रेरणा के बग़ैर इसकी संकल्पना संभव
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 1

अध्याय 1 लिनक्स क्या है? (इतिहास, इसके फ़ायदे इत्यादि) 1.1 लिनक्स आखिर है क्या? कम्प्यूटरों को चलाने के लिए, उसके विविध अवयवों में तारतम्य बिठाने के लिए, एक ऑपरेटिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है. लिनक्स भी एक आधुनिक ऑपरेटिंग सिस्टम है. यह बहुत कुछ यूनिक्स
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लिनक्स पॉकेट गाइड – लिनक्स आपकी जेब में : अध्याय 2

अध्याय 2 लिनक्स की क़िस्में जैसा कि ऊपर कहा गया है, लिनक्स की विविध किस्में हैं, वितरण हैं. फिर भी, इन अलग अलग वितरणों में आपको बहुत सी समानताएं मिलेंगी, क्योंकि हरेक लिनक्स मशीन में वही चीजें मिलती हैं जो ज़रूरतों के हिसाब से अलग अलग तरह से जोड़ी गई
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हम भी जियेंगे कभी खाक से निकलकर

बना उन्ही पत्थरों को निशाना हम फिर से गिर गिर जायेंगे हर हार के सीने से लिपट गल्तियाँ फिर वहीं दोहरायेंगे
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चिट्ठी-1. प्रभू जी आपने T-20 क्यों बनाया?

प्रभू जी आपने T 20 क्यों बनाया? आपने Bradman, Gavaskar बनाये, आपने medium pacer कुंबले को और फिरकी Warne बनाया, आप स्वयं सचिन के रुप में साक्षात हुए, कितनी अच्छी बात है। आपने श्वेत कपड़ों को रंगा और लाल गेंद को श्वेत कर one day बनाया, आपने sledging और
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अरे, यह तो मेरे ध्यान में था ही नहीं

इस चिट्ठी में 'टू किल अ मॉकिंगबर्ड' के प्रकाशन के ५०वें साल पर हो रहे सम्मेलनों की चर्चा है। This post talks about function on 50th anniversary of publication of 'To Kill a Mockingbird'. is chitthi mein 'To Kill a Mockingbird' ke prakashn ke 50ven sal
 
उन्मुक्त
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अरे, यह तो मेरे ध्यान में था ही नहीं

इस चिट्ठी में 'टू किल अ मॉकिंगबर्ड' के प्रकाशन के ५०वें साल पर हो रहे सम्मेलनों की चर्चा है। This post talks about function on 50th anniversary of publication of 'To Kill a Mockingbird'. is chitthi mein 'To Kill a Mockingbird' ke prakashn ke 50ven sal
 
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‘कामरेड’ का टूट गया तिलिस्म-हिन्दी लेख

आखिर कामरेड शब्द का तिलिस्म टूट गया। कहना कठिन है कि चीन में साम्यवादी व्यवस्था एकदम खत्म हो जायेगी पर इतना तय कि कामरेड शब्द से पीछा छुड़ाना इसकी एक शुरुआत का संकेत हो सकती है। मार्क्सवाद पर आधारित विचारधाराओं का आधार केवल नारे और वाद हैं और कामरेड
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आदर्श की बातें-हिन्दी शायरी

गनीमत है इंसान के पांव सिर्फ जमीन पर चलते हैं, उस पर भी जिस टुकड़े पर जमें हैं उसे अपना अपना कहकर सभी के सीने तनते हैं, हक के नाम पर हर कोई लड़ने को उतारू है। अगर कुदरत ने पंख दिये होता तो आकाश में खड़े होकर हाथों से एक दूसरे पर आग बरसाते, [...]
 
दीपक भारतदीप
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सच्ची मोहब्बत-हिन्दी शायरी (sachchi mohbbat-hindi shayari)

मोहब्बत और मोहब्बत में फर्क होता है, एक ढलती उम्र के साथ कम हो जाती है दूसरी मतलब निकलते ही खत्म हो जाती है। जिसमें रिश्ते निभाने की न मजबूरी हो, ऐसी उम्मीद न की जायें, जो न पूरी हों, दिल का सौदा दिल से हो तो भी पाक नहीं हो जाता, जिस्मानी लगाव मतलब [...]
 
दीपक भारतदीप
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सिल कन्वर्टर + गूगल तकनीकी हिन्दी समूह फ़ॉन्ट कन्वर्टर = पाठ फ़ॉर्मेटिंग सुविधा सहित दर्जनों फ़ॉन्ट कन्वर्टर

(यह पोस्ट – बॉब ईटन, अनुनाद तथा नारायण प्रसाद को समर्पित है.) कम्प्यूटरों में हिन्दी भाषा में काम करने वालों के लिए फ़ॉन्ट कन्वर्टर बेहद आवश्यक हैं. तमाम कई कारण हैं. पिछले दस से अधिक वर्षों से मैं दर्जनों फ़ॉन्ट कन्वर्टर प्रयोग कर रहा हूँ, जिनमें कई
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छींटें और बौछारें के पाठकों को जेनुइन (असली, लाइसेंस्ड) माइक्रोसॉफ़्ट ऑफ़िस 2010 मुफ़्त में प्राप्त करने का सुनहरी मौका

माइक्रोसॉफ़्ट ऑफ़िस 2010 नई विशेषताओं के साथ बाजार में आ चुका है. क्लाउड कम्प्यूटिंग की सुविधा युक्त ऑफ़िस 2010 के नए संस्करण में बहुत सी नई ख़ूबियों को शामिल किया गया है. ऑफ़िस 2010 तकनीकी पूर्वावलोकन संस्करण की एक संक्षिप्त समीक्षा आप यहाँ पढ़ सकते
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दूसरे की सोच पर चलकर-हिन्दी शायरी

हम खुली आंखों से सपने देखते रहें, हम अमन से जियें, जंग के दर्द दूसरे सहें, कोई करे वादा तो शिखर पर बिठा देते हैं वोट देकर। हम खूब कमाकर परिवार संभालें, दूसरे अपना घर उजाड़ कर, ज़माने को पालें, कोई दे पक्की गांरटी तो पीछा छुड़ाते हैं नोट देकर, शायद नहीं
 
दीपक भारतदीप
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आप भी कर सकते हैं ...............मुहावरों का प्रयोग.................बस थोडी सी कोशीश करके ....

आज मै बहुत खुश हो गई ....जब मेरी पोस्ट " दोनो में कौन बडा " मेरी बेटी सुन रही थी.............बाद मे उसने उस पर आई टिप्पणी पढना शुरू किया , और पहली ही पढकर वो हँसने लगी...........मैने पूछा क्या हुआ ?.............तो बस पेट पकड कर हँसती ही
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खामोशी..बहुत कुछ कहती है

*** पहली बार ***जब छूकर गुजरती है ये ठंडी हवाएंगुजरा जमाना याद आता है, याद आता हैतेरा और मेरा मिलना पहली बार...*** खामोशियाँ ***तेरी खामोशियों में एक अदा है,तेरी बातों में एक नशा है,तू लाख मेरे इजहार का इनकार करतेरे इन्तेजार में भी जिन्दगी का अलग ही एक
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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खामोशी..बहुत कुछ कहती है

*** याद ***भुलाना चाहोगी मुझे जितना, तुझे उतना याद आऊंगातू तडपेगी मेरे लिए, मेरी मौत के बाद...*** रौशनी ***तेरे नाम की चमक से अँधा हुआ जाता हूँ मैंबस इतनी रौशनी बची रहे कि तुझे देखता रह सकूं...*** समय ***जानता हूँ तेरे पास समय नही है मेरे लिएपर
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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दुश्मनी...

कल शाम तेरे जुल्फों कोलहराते हुए देखाऔरपलभर मेंहवाओं से दुश्मनी हो गयीखिड़की से अन्दर आतीसूरज की किरणेंतेरे चेहरे पे पड़ रही थीऔर मैं सूरज कोअपने दिल की जलन मेंजला रहा थाउसी वक़्त...
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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सारे सुख़न हमारे झूठ

सारे सुख़न* हमारे झूठगाँव सहन चौबारे झूठचना-चबेना हो तो दो-किश्मिश और छुआरे झूठदुनिया सपने जैसा सचआँख खुली तो सारे झूठउनके होठों पर लगतेकितने प्यारे-प्यारे झूठपरदेसी के वादों परकब तक रहें कुँआरे झूठअपना कमरा एसी हैसूखा-बाढ़ तुम्हारे झूठजन-गण-मन असमञ्जस
 
हिमान्शु मोहन
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गूगल ट्रांसलेट में हिन्दी टैक्स्ट टू स्पीच – अब हिंदी में सुनकर आनंद लें किसी भी भाषा की डिजिटल सामग्री का

गूगल ट्रांसलेट ने बिना किसी हो-हल्ला के 14 अप्रैल 2010 को बताया कि गूगल ट्रांसलेट में अब हिन्दी टैक्स्ट टू स्पीच भी उपलब्ध है - इसका क्या अर्थ है? इसका अर्थ है कि अब आप विश्व की 50 से अधिक (समर्थित) भाषाओं की सामग्री का ऑनलाइन आनंद गूगल ट्रांसलेट के जरिए
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गूगल के मराठी विज्ञापन?

शायद आपकी नजरों में पहले भी आया हो, मगर मेरी नजर में पहली मर्तबा गूगल के मराठी विज्ञापन आए - वैसे इक्का दुक्का गुजराती विज्ञापन भी नजर आ चुके हैं. वैसे, गूगल के देवनागरी (हिन्दी ) में विज्ञापन का इतिहास बहुत पुराना है – नेट पर साल-दो-साल में तो कायापलट
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मेरा जीवन...

६ दिसम्बर २००५: जब मैं २१ साल का था तब में अपनी जिंदगी को ७-७ साल के तीन भागों में बाँट कर तीन कवितायेँ लिखी थी. मैं सोंचा करता था आखिर मैंने क्या किया है आज तक... मैंने क्या सीखा है आज तक... मेरी आदत थी मैं रोज रात लगभग आधे घंटे छत पर अकेले बैठा करता था
 
अभिषेक प्रसाद 'अवि'
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अपने हिन्दी ऑफ़िस में जोड़िए एक लाख शब्दों की कस्टम डिक्शनरी

माइक्रोसॉफ़्ट हिन्दी ऑफ़िस 2003 / 2007 में अंतर्निर्मित हिन्दी वर्तनी जाँच उपलब्ध तो है, मगर बहुत बेकार किस्म का (वैसे ये अब तक उपलब्ध हिन्दी वर्तनी जाँच के तमाम औजारों में सर्वोत्तम भी है, तो इससे असरकारी हिन्दी वर्तनी जाँचक के बारे में अंदाजा लगाया जा
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इस समस्या का हल सुझाएं.............

विशेष -----यह पोस्ट सिर्फ़ हिन्दी लेखन मे होने वाली मात्रा संबंधित अशुध्दियों के बारे मे है -------अगर हमहिन्दी का प्रसार चाहते है तो .......... (वैसे तो अंग्रेजी शब्दों के आ जाने से इस हिन्दी को शुद्ध नहीं कहा जा सकता )पर फ़िर भी ...............आज एक बात
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काली कारतूत पर साधुता की संज्ञा लिखाते-हिन्दी व्यंग्य कविता

शौहरत के शिखर पर वह बैठे हैं नीचे आने से उनको डर लगता है, उनके ऊंचे इंसान होने का वहम बना हुआ है लोगों में नीचे आने पर अपने बौने चरित्र की पहचान होने से उनका दिल घबड़ाने लगता है। ———- साधु ही हमेशा मौन की राह नहीं अपनाते, कसूरवार भी उसकी
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नया नज़रिया नये लोग

हम तरक्की का ख्वाब रखते हैं नाक पे चश्मा बगल मे किताब रखते हैं ।जींस फट जाये ग़म नही साह्बजेब मे क्रेडिट कार्ड रखते हैं ।हम को मालूम है ओबामा क्याहम को मालूम है ओसामा क्यापल मे दुनिया का हाल मिलता हैन्यूज़ चैंनल हज़ार रखते हैं ।हम ने बदली है इश्क़ की
 
Dr.Ajmal Khan