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मोटापे से मुक्ति

मोटापे से मुक्ति तो सुनो सरल सी युक्ति चाहे हो कितनी भी लजीज छोड़नी होगी तीन चीज बन जाओगे आप विनर आज से ही त्‍याग दे ब्रेकफास्‍ट, लन्‍च और डिनर मैंने पूछा बताइये दूसरा उपाय वे बोले जब भी येसामने आये आप ना में माथा हिलायें कि‍शोर पारीक कि‍शोर
 
किशोर पारीक 'किशोर'
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लोन लेकर करो विवाह

लोन लेकर  करो विवाह बैंक से लिया लोन खरीदी एक कारनहीं चुका सका तो,वापस ले गएयार काश   ऐसा होता  पतातो बिलकुल नहीं डरता शादी भी लोन लेकर ही करता  किशोर पारीक "
 
किशोर पारीक 'किशोर'
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स्वार्थों के होते मेहमान-हिंदी शायरी

चेहरे पर है दिखावटी मुस्कान नहीं होता नीयत का भान बदन पर हैं जगमगाते वस्त्र धारण किए दिल में काली नियत लिए भरोसे के लिए निकल रहे हैं शब्द जुबान से निरंतर विश्वास और धोखे का मालुम नहीं अन्तर मन की आंखों से पढोगे जब उनको उनके शब्दों के अर्थों का अर्थ स
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अपने घर का बजट बनाने से क्या फायदा-हिंदी शायरी

गृहणी ने गृहस्वामी से कहा ''आज मैंने महिलाओं की एक किताब में पढा कि घर का खर्च भी बजट बनाकर करना चाहिए'' गृहस्वामी ने कहा ''बजट बनाने के लिए भी कागज़ और पेन चाहिए जो अपने बजट में नहीं आ सकतीं पड़ोस से उधार लेकर अख़बार और किताब जो तुम पढ़कर बढाती हो ज्ञ
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वह एक है, पर नाम अनेक-हिंदी शायरी

हमने पूछा दुनिया के मालिक का पता उन्होने ढोल बजाने वालों का घर बता दिया जो पहुंचे वहाँ सुना शोर तो हमने मालिक को भुला दिया वह है एक पर नाम अनेक डर था की कहीं हम लें नाम उनका कहीं और अधिक शोर न मच जाये अगर कहीं हमने भीड़ से अलग नाम लिया --------------
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दीवारों पर लिखे सत्य पढे नहीं है-हिंदी शायरी

रिश्तों में अब कोई दरार नही है क्योंकि अब लोगों के दिलों में अब उनके लिए कोई जगह बची नहीं है भाई और भाई के बीच अब कोई दीवार नहीं खड़ी नही रह सकती क्योंकि रिश्ता रह गया है जैसे हवा में लटकी तख्ती नफ़रत जैसी कोई बात नहीं है क्योंकि समय के कमी की वजह से क
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फुरसत के लम्‍हे

नमस्‍कार साथियों माफ करना आजकल थोडी दिक्‍कतें आ रही हैं इसलिए ज्‍यादा समय नहीं बिता पा रहा हूं आप सभी के साथ। आज आप को थोडा मुस्‍कुराता देखने को दिल कर रहा है इसलिए आप सभी के साथ एक हास्‍य कविता सांझा कर रहा हूं जिसे लिखा है हमारे विजय जैन जी ने तो प
 
मोहन वशिष्‍ठ