मस्ती में झूले और सभी गम भूलें : सचिन बर्मन/लता/साहिर/हाऊस नं ४४
कहते हैं कि लता मंगेशकर द्वारा इस गाने की अदायगी से गदगद होकर सचिन देव बर्मन ने अपना एक बीड़ा पान उन्हें पेश कर दिया था । पान के अपने भंडार में से एक पान घटाना वे तब ही करते जब दिल से मामला जमा हो ।१९५५ में बनी हाउस नम्बर ४४ । साहिर लुधायनवी की सुन्दर -
Jul 24 2009 01:16 PM



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