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जिंदगी में सब इतना ख़राब लगता हैं कि जीने का मन नहीं करता ।

मेरे पोस्ट ज्यादातर यथार्थ , दुःख और धर्म से जुड़े होते हैं । असल में जीवन में यही सब देखा हैं इसीलिए क्रिकेट ,फ़िल्मी मस्ती , राजनीति में अब मजा नहीं आता हैं । बीस साल ( अभी तीस ) तक कि उम्र तक ही सब देखकर लगा कि दुनिया में कही गड़बड़ हैं । माया मोह समाज
 
Virender Rawal
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हरि चरणों में अंतिम प्रार्थना ( आर्त भक्त )

हे मेरे इष्टदेव ! हे हरि , हे गुरुदेव! अब इस संसार कि मुझे कोई चाह नहीं । हर तरफ तो तेरे प्रोफेशनल लोगो कि भीड़ हैं जिसे आपसे प्रेम करने में भी मतलब चाहिए। मुझे तो इन्होने मानसिक रोगी ही समझ रखा हैं । और इनकी इस समझ को प्रभु आपने भी तो इतना सहारा दिया
 
Virender Rawal