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जेहनी गुलामी का करार तो हम पहले ही कर चुके हैं....

मेरी इस पोस्ट में मेरी कुछ बातें होसकता है कि कुछ लोगों को नागवार गुजरें, लेकिन मुझे इस की परवाह नही है.) अमेरिका के साथ एटमी करार को लेकर सयासी घमासान अपने शबाब पर है,इसी बहाने अपनी अपनी सियासी रोटियां फिर से ताज़ा करने का मौका सब को मिल गया है.दो चा
 
rakhshanda