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क्‍या नशेबो फराज थे तनवीर, जिन्‍दगी आपने गुजार ही दी : यादें हबीब तनवीर

सात साल की उम्र में ‘मोहब्‍बत के फूल’ नाटक को देखकर एक बालक के मन में अभिनय की ललक जो जागृत हुई वह निरंतर रही, बालक नाचते गाते अपनी तोतली जुबान में नाटकों के डायलागों को हकलाते दुहराते बढते रहा। उसके बाल मन में पुष्पित अभिनय का स्‍वप्‍न शेक्‍शपीयर की
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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हबीब तनवीर और सतनामी समुदाय

साथियो, वाणी प्रकाशन से प्रकाशित 'चरनदास चोर, २००४ संस्करण की हबीब तनवीर द्वारा लिखित भूमिका का एक अंश भेज रहा हूं, ताकि पाठक खुद निर्णय कर सकें कि हबीब साहब का सतनामी समुदाय से क्या रिश्ता था. जबसे सहमत, बहुरूप, जन संस्कृति मंच, इप्टा, प्रलेस, जलेस आदि
 
Ek ziddi dhun
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हबीब तनवीर होने का मतलब

अशोक वाजपेयीजो लोग मध्यप्रदेश की अपनी सांस्कृतिक यात्रा से वाकिफ हैं उनको ये बताने की जरूरत नहीं है कि न सिर्फ इस रंगयात्रा में बल्कि संस्कृति यात्रा में हबीब तनवीर की केन्द्रीय भूमिका रही है.जब भारत भवन में रंगमंडल बनाने की बात हुई थी तो सबसे पहले न
 
rajesh chandra