मातृ- दिवस की महान खबर गरीब औरत
कल मातृ दिवस था और माँ के नाम पर भावुकता की कृत्रिम धारा को यहां से वहां तक मीडिया के प्रत्येक कोने में पूरी कृत्रिम आभा के साथ देखा गया। हमारा मध्यवर्ग निजी भावनाओं,पीड़ाओं और निज की इमेजों में इस तरह गुम हो गया है कि उससे ‘अन्य’ और
May 10 2010 10:07 AM



Shuffle








