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पितृ पर्वत - मेरे लिए स्वर्ग सा

इंदौर में मेरी सबसे पसंदीदा जगह है पितृ पर्वत। जहाँ पहुंचते ही मैं तनाव मुक्त हो जाता हूँ, शायद इसलिए कि वहाँ बुजुर्गों का बसेरा है, और मुझे बुजुर्गों के साथ समय बिताना ब्लॉगिंग करने से भी ज्यादा प्यारा लगता है, लेकिन शर्त है कि बुजुर्ग सोच से युवा होने
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कभी कभी प्रकृति भी पक्षपात कर जाती है ---

हमारा देश एक विशाल देश है। यहाँ जितनी विविधताएँ और अनेकतायें देखने को मिलती हैं , उतनी शायद कहीं और नहीं मिलेंगी। उत्तर में हिमालय पर्वत श्रंखला , दक्षिण में कन्याकुमारी में मिलते तीन तीन सागर , पश्चिम में सूखा रेगिस्तान और पूर्व में सबसे अधिक बारिस वाला
 
डॉ टी एस दराल
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स्वर्ग या नर्क: बोर्डर के आर पार

कल में टीवी पर आत्मघाती हमलावरों के बारे में एक कार्यकर्म देख रहा था। इसराइल और फिलिस्तीन का बोर्डर।एक आदमी एक बम भरी कार में सवार हुआ और बोर्डर के पार जाके एक मकान में टकरा गया।बड़ा धमाका।न मकान रहा। न कार रही। न आदमी रहा।अचानक ज़ेहन में ख़याल आया। ये
 
स्पाईसीकार्टून
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अंतहीन मुद्दे-हिन्दी आलेख (antahin mudde-hindi lekh)

समझ में नहीं आता क्या कहें और क्या नहीं! कुछ न कहें या चुप रहें। चारों तरफ द्वंद्व देखकर मन को दुःख होता है-‘अरे, यार यह लोग क्यों आपस में शाब्दिक युद्ध कर रहे हैं।’मुद्दा क्या है, तर्क क्या है? समझ में नहीं आता। कुछ मसले तो कभी हल होने वाले नहीं है
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Swarg Narak Kya Hai?

स्वर्ग नरक क्या है? Q: स्वर्ग नरक क्या चीज़ है? A: जहाँ कर्म बनता है वहाँ नरक है, और जहाँ कर्म घटता है वहाँ स्वर्ग है. तुम्हे कर्म बनाना है या घटाना है- यह तुम्हारे हाथ में है… अपने कर्म को निष्काम बनाओ. जिस कर्म के पीछे कोई वेग नहीं है- there is no
 
दीपम चटर्जी
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कश्मीर

स्वर्ग को चूम, खुशीओं की हवायें बिखर गई, अनजान अनदेखी दिशाओं में, जब जब घाटी में जली बर्फ़, सपनों को चूम, जवानी की कलियाँ बिखर गई, अनजान अनदेखी वादियों में, जब जब घाटी में जली बर्फ़, जीवन को चूम, परिवारों की आश मिट गई अज्ञात अनसुलझी इतिहास की गलतीओं
 
प्रवीण