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जलियांवाला बाग के शहीदों के बहाने

जलियांवाला बाग के शहीदों की याद में, उन्हें और उनके परिजनों को सम्मान दिलाने की खातिर मेरे मित्रों सतीश चंद्र श्रीवास्तव ने, फिर एम. अखलाक ने, फिर रविकांत ने जो कुछ लिखा, कहा और जितना आक्रोश व्यक्त किया, वह सिर्फ उस मानवीय संवेदना को ही उभारते हैं, ज
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शहीदों के खानदान ही खत्म!

ढूंढे़ नहीं मिल रहे जलियांवाला बाग में मारे गए लोगों के परिजन। शर्म! शर्म!! शर्म!!! सतीश चंद्र श्रीवास्तव देश को आजादी की प्रेरणा देने वाले जलियांवाला बाग के शहीदों के खानदान ही खत्म हो गए हैं। आजादी के 62 साल बाद इस दुर्गति पर न तो संसद में एक बार भ
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अमर उजाला को धन्यवाद

अमर शहीद बैकुंठ शुक्ल के गांव जलालपुर चलने का आह्वान करती 'विचार' की पिछली पोस्ट को 'अमर उजाला' ने अपने छह अगस्त के अंक में संपादकीय पृष्ठ पर 'ब्लाग कोना' में जगह दी है। इसके लिए अखबार की पूरी टीम को मेरी ओर से धन्यवाद। इससे मेरा उत्साहबर्द्धन हुआ।
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चलिए शहीद बैकुंठ शुक्ल के गांव जलालपुर

सरकारी गवाह बन गये गद्दार फणीन्द्र नाथ घोष की दिनदहाड़े हत्या कर अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की मौत का बदला लेने वाले बैकुंठ शुक्ल व हजारीबाग जेल से अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के हीरो जयप्रकाश नारायण को कंधे पर चढ़ा फरार करा देने वाले योगेन्द्र