स्वचेतना और प्रयोगधर्मिता
अपने बारे में जानने की उत्सुकता तो सभी मनुष्यों में होगी ही - ऐसी व्यापक धारणा है. किन्तु सत्य इसके विपरीत है. मनुष्य प्रायः दूसरों के बारे में जानने के लिए अपने बारे में जानने से अधिक उत्सुक रहते हैं, विशेषकर दूसरों के छिद्रान्वेषण में उन्हें अतीव
May 04 2010 04:00 AM



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