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पोर्नोग्राफी के नए तर्कशास्त्र के प्रत्युत्तर में

     कल एक पाठक ने पोर्न की हिमायत में कहा कि पोर्न तो महज मनोरंजन है। मैं इस तर्क से सहमत नहीं हूँ। पोर्न सिर्फ मनोरंजन नहीं है। पोर्न औरतों के खिलाफ नियोजित विचारधारात्मक कारपोरेट हमला है। पोर्न की विश्वव्यापी आंधी ऐसे समय में आयी
 
jagadishwar chaturvedi
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मीडियावाली नकली औरत के फिदाईन- सुधा सिंह

       स्त्री के मीडिया में रूपायन का एक बड़ा जरिया विज्ञापन हैं। विज्ञापनों में स्त्री के रूपायन का प्रच्छन्न तरीके से दर्शक के स्त्री संबंध रवैयये,संस्कार,एटीट्यूट,मूल्यआदि पर असर होता है। विज्ञापनों में स्त्री और पुरूष दोनों के ही
 
jagadishwar chaturvedi
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टेलीविजन में औरत का नया रुप

टेलीविजन ने समाज का मिजाज बदला है।सूचना और मनोरंजन की धारणा बदली है। किंतु इसके वैचारिक सरोकार नहीं बदले हैं।कार्यक्रम बदले हैं।चरित्र बदले हैं। तकनीकी प्रोन्नति हुई है।इसकी आमदनी बढ़ी है।चैनल बढ़े हैं।कलाकार, प्रस्तोता,एंकर,निर्देशक आदि सभी क्षेत्रों
 
jagadishwar chaturvedi
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कैथरीन विलियम्स की एक कविता

जितना मुझे याद है उससे ज्यादा भूल चुकी हूँएक बिखरे अतीत कीअनजान कहानियों में खुद को खोजती हुई।विस्थापन,ताकत के दुरुपयोग और सरोकारविहीनता केधुंधलके में खोई जिंदगी के बीचपैंतालीस वर्ष बाद,फिर मैं जीवित हुई-अंधकार से निकल रोशनी के लिए(प्रस्तुति -सुधा सिंह)
 
sudha singh