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सावधान! कलियुग आ रहा है :मानस खत्री की कविता

पैसों के लिए इंसान, इंसानों को बेंच खाएगा. बदले में २०० ग्राम आलू, १०० ग्राम चावल, ५० ग्राम दाल, ५ बूँद देशी घी लाएगा, इन सबको मिलाकर छोटी-छोटी गोलियाँ बनाकर, सुबह-शाम खाएगा.
 
Manas Khatri
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जीवन में खुश रहने का रहस्य :मानस खत्री

हम जब कोई कार्य शुरू करते हैं तो ये आवश्यक नहीं है कि हमें पहली बार में ही उसमें सफलता प्राप्त हो. किसी कार्य को करने में चाहे कितनी बार भी असफलता का सामना करना पड़े फिर भी अपनी सफलता के बारे में आशावादी रहना चाहिए. यदि हमारा उद्देश्य सही है तो हमें
 
Manas Khatri
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श्रम से चलता है ये जीवन :मानस खत्री की कविता

आपदाओं से मत घबराओ, सदा इन्हें स्वीकार करो, जीवन में कुछ करना है तो, मेहनत से तुम काम करो. पत्थर पिघल जाएंगे पल में, मिटटी बन जाएगी सोना, श्रम से चलता है ये जीवन कुछ पाने को है, कुछ खोना
 
Manas Khatri
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हौसले को कभी टूटने न दें :मानस खत्री

मध्यांतर का समय था. कुछ छात्र विद्यालय के पास से जा रहे थे. तभी एक विद्यार्थी ने दुसरे से कहा की मेरे परिवार का बहुत बुरा हाल है. अभी कुछ ही दिनों पहले मेरे नाना के साथ बहुत बड़ी दुर्घटना हुई है. यह दुर्घटना एक बम धमाके की वजह से हुई है. वो मदन के नाना
 
Manas Khatri
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इस्लामी फतवे का मतलब क्या है, बता रहेँ हैँ तनवीर ज़ाफरी

मानवाधिकारों को चुनौती देते यह इस्लामी फतवे डा. कादरी ने अपने इस विस्तृत फतवे में आतंकवादी ओसामा बिन लाडेन के उन एक-एक बिंदु का इस्लामी शरिया »
 
tanveerjafri1
टैग: स्तंभ
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सबसे मीठा क्या :मानस खत्री

एक गुरु के पाँच शिष्य थे. गुरु जी उन्हें अपने आश्रम में शिक्षा प्रदान करते थे. एक दिन गुरूजी ने शिष्यों से कहा, "जो मेरी परीक्षा में सफल होगा, उसे ही अपना योग्य शिष्य बनाऊंगा". पाँचो शिष्यों ने कहा, "गुरूजी आप हमारी परीक्षा ले सकते हैं". गुरूजी ने एक दिन
 
Manas Khatri
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युवा और फैशन :मानस खत्री की हास्य कविता

आज कल के युवा वर्ग का प्रेम सिर्फ फैशन है, इसीलिए तो लेते हर माँ-बाप टेंशन हैं. मोबाइल-Sms का २४ घंटे का Communication है, मात्र पैसा कमाना ही उनका निर्धारित Profession है. समय व्यर्थ करते हैं वो दिखाने में अपनी स्टाइल, इसीलिए बदल रही है सबकी Life-Style.
 
Manas Khatri
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धरती माँ को बचाना है :मानस खत्री की कविता

पृथ्वी माता के रूप में, वर्षा-गर्मी और धूप में, हम सबका यही सहारा है. ये पृथ्वी ही घर हमारा है. प्रेम हमे देती ये माता, इसका आँचल हमे है भाता.
 
Manas Khatri