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पैन्ठन की रेशमी साड़ियाँ

हर शहर की अपनी कुछ विशेषता होती हैं। कुछ ख़ास चीजे तैयार होती हैं। औरंगाबाद में दो ख़ास चीजो के बारे में बताया गया - चांदी के वर्क और पैन्ठन की साड़ियाँ चांदी के वर्क हैदराबाद के भी ख़ास होते हैं इसीलिए हम पैन्ठन गए। पैन्ठन एक स्थान हैं जो एक तरह की
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खुलदाबाद

औरंगाबाद में बीबी का मकबरा देखने के बाद हम खुलदाबाद पहुंचे। औरंगजेब अपने अंतिम दिनों में यहीं रहा करते थे। वे इन दिनों में जीवन के ऐशो आराम से भी दूर रहे थे। उनकी तीव्र इच्छा पर उनके पुत्रो ने उन्हें उनके गुरू की समाधि के पास सुपुर्दे ख़ाक किया। उनकी और
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बीबी का मकबरा

औरंगाबाद में दौलताबाद किले से कुछ ही दूरी पर हैं बीबी का मकबरा। यह औरंगजेब की बेगम साहिबा की समाधि हैं। इसे उनके सुपुत्रों ने ताजमहल का रूप देने का प्रयास किया हैं। बाहर से यह ताजमहल की तरह ही हैं - उसी रूप में निर्माण किया गया हैं। जहां से ताजमहल के लिए
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दौलताबाद का किला

किले में चाँद मीनार के पीछे छोटा सा संग्रहालय हैं जहां विभिन्न खुदाइयों में निकले स्तूप और मूर्तियाँ हैं जो एक हालनुमा परिसर में किनारों पर कतार में हैं - और बीच में खुला भाग हैं। इनमे विष्णु, गणेश, शिव की मूर्तियाँ हैं, बौद्ध कालीन स्तूप, धर्म चक्र और
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दौलताबाद किला

अजन्ता एलोरा देखने के बाद हम ऐतिहासिक स्थल देखने निकले। औरंगजेब के शहर औरंगाबाद में सबसे पहले हमने देखा दौलताबाद किला। दौलताबाद के नाम से सभी परिचित हैं, इतिहास में हम पढ़ चुके हैं की दिल्ली से दौलताबाद और दौलताबाद से दिल्ली कई बार राजधानी बदली गई। 12 वी
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भोपाल मेले की सैर

भोपाल मे आजकल मेला लगा हुआ है. और मेले जैसा शब्द तो मम्मा को पहले ही आकर्षित करता है . इसलिए हम सब भोपाल मेले की सैर को पहुँच गये. मेले में मेरे एंजॉय के लिए बहुत सारी चीज़ें थी जैसे झूले…राइडिंग… मेरा तो झूले और बाइक राइडिंग वगैरह में इतना दिल लग
 
लविज़ा | Laviza
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मौलाली – उर्स-ए-शरीफ़ का महत्वपूर्ण स्थान

हैदराबाद के छोर पर है मौलाली का पहाड़। रमज़ान से पहले आने वाले रज्जब महीने में इस स्थान का बहुत महत्व है। हम भी पिछले दिनों रज्जब के महीने में यहाँ पहुँचे। मज़हबी (धार्मिक) कथा के अनुसार कर्बला की लड़ाई के दौरान कुछ समय के लिए मोहम्मद साहब ने अपने दोनों
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"तीन पत्थरों का चूल्हा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

गंगा-स्नान मेला" आज कार्तिक पूर्णिमा का दिन है। इस दिन पवित्र नदियों मे स्नान करने का प्रचलन पौराणिक-काल से ही हमारे देश में चला आ रहा है। अतः परम्परा का निर्वहन करने के लिए हम भी "माँ पूर्णगिरि" के पद पखार रही शारदी नदी के किनारे जा पहुँचे। यह पावन
 
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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ट्रिप टू अजमेर

सन्डे को हम अजमेर गए थे, ख्वाजा गरीब नवाज़ की दरगाह पर. नानी का काफी दिनों से जाने का मन था पर जाना नहीं हो पा रहा था. हमें ट्रेन से जाना था इसलिए पापा ने सटरडे को ही रिजर्वेशन करा लिया था. मुझे बस में कम्फर्टेबल नहीं लगता इसलिए हम कही भी जाते हैं तो
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जयपुर का सरस पार्लर

जयपुर का सरस पार्लर कल शाम एक पुराना अल्बम देख रही तो मुझे पता चला की मैंने तो आपको मेरे सरस पार्लर जाने वाली बात बताई ही नहीं... अप्रैल में जब दिलशाद फुपी, जेबा बाजी और इशरत बाजी जयपुर आये थे तो हम सब वहां घूमने गए थे.   जब हम वहां पहुंचे तो वह
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सन्डे मतलब फन डे - १

मम्मी अपने बर्थ डे वाले दिन मुझे फन पार्क में लेकर गयी थीं. दरअसल वहां का नाम तो मुझे पता नहीं, इसलिए मैंने उसका नाम फन पार्क ही रख दिया है. :) ये क्रिस्टल पाम में हैं. वहां जाकर तो मैंने खूब एन्जॉय किया. वहां अलग अलग की तरह की गाडियाँ और खिलौने थे,
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सन्डे मतलब फन डे - २

मैंने पिछले पोस्ट पर प्रोमिस किया था ना की अगले पोस्ट पर आपको फन डे वाली विडियो दिखाउंगी.…. ……तो देखिये मैंने अब अपना प्रोमिस पूरा कर दिया... इस विडियो में आप देखिये उस दिन मैंने फन सिटी में कितना एन्जॉय किया था… कैसा लगा ये विडियो, अच्छा है ना ?
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आप सब मुझे मिस तो करेंगे ही.... करेंगें ना ??

आजकल आपसे ज़्यादा मुलाकात नही हो पा रही है. रमजान चल रहे है और अगले हफ्ते ईद भी है. तो उसी की तैयारियाँ चल रही है. जैसे शॉपिंग वग़ैरह... ….और अब अगले कुछ रोज़ शायद आपसे मुलाकात ना हो पाये क्योंकि ईद पर हम सब दादा दादी के पास जा रहे हैं. आप सब मुझे इत
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ट्रिप टू अजमेर

सन्डे को हम अजमेर गए थे, ख्वाजा गरीब नवाज़ की दरगाह पर. नानी का काफी दिनों से जाने का मन था पर जाना नहीं हो पा रहा था. हमें ट्रेन से जाना था इसलिए पापा ने सटरडे को ही रिजर्वेशन करा लिया था. मुझे बस में कम्फर्टेबल नहीं लगता इसलिए हम कही भी जाते हैं तो
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सन्डे मतलब फन डे - १

मम्मी अपने बर्थ डे वाले दिन मुझे फन पार्क में लेकर गयी थीं. दरअसल वहां का नाम तो मुझे पता नहीं, इसलिए मैंने उसका नाम फन पार्क ही रख दिया है. :) ये क्रिस्टल पाम में हैं. वहां जाकर तो मैंने खूब एन्जॉय किया. वहां अलग अलग की तरह की गाडियाँ और खिलौने थे,
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सन्डे मतलब फन डे - २

मैंने पिछले पोस्ट पर प्रोमिस किया था ना की अगले पोस्ट पर आपको फन डे वाली विडियो दिखाउंगी.…. ……तो देखिये मैंने अब अपना प्रोमिस पूरा कर दिया... इस विडियो में आप देखिये उस दिन मैंने फन सिटी में कितना एन्जॉय किया था… कैसा लगा ये विडियो, अच्छा है ना ?
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जयपुर का सरस पार्लर

जयपुर का सरस पार्लर कल शाम एक पुराना अल्बम देख रही तो मुझे पता चला की मैंने तो आपको मेरे सरस पार्लर जाने वाली बात बताई ही नहीं... अप्रैल में जब दिलशाद फुपी, जेबा बाजी और इशरत बाजी जयपुर आये थे तो हम सब वहां घूमने गए थे.   जब हम वहां पहुंचे तो वह
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आप सब मुझे मिस तो करेंगे ही.... करेंगें ना ??

आजकल आपसे ज़्यादा मुलाकात नही हो पा रही है. रमजान चल रहे है और अगले हफ्ते ईद भी है. तो उसी की तैयारियाँ चल रही है. जैसे शॉपिंग वग़ैरह... ….और अब अगले कुछ रोज़ शायद आपसे मुलाकात ना हो पाये क्योंकि ईद पर हम सब दादा दादी के पास जा रहे हैं. आप सब मुझे इत
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जू की कुछ और बातें

जू बहुत बड़ा हरा-भरा क्षेत्र है जहां ऊँचे पेडों के साथ हरियाली भी है और छोटे-छोटे पोखरों में कमल भी खिले है - यहाँ मोटर गाडी में भी घूम सकते है जिसमें अधिक से अधिक पांच लोग बैठ सकते है और टिकट पांच सौ रूपए है. सामान्य रूप से तो टिकट दस रूपए ही है. यहा
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अमरावती – एक छोटा सा दर्शनीय और महत्वपूर्ण गाँव

हमारे देश में बहुत कम स्थान ऐसे है जो पौराणिक और ऐतिहासिक दोनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। एक ऐसा ही स्थल है - अमरावती ऐसे महत्वपूर्ण स्थल को देखने की कामना लिए पिछले दिनों हम अमरावती गए। अमरावती का नाम लेते ही दिमाग़ में आता है महाराष्ट्र। देश भर
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मदुरै का नयक्कार महल

दक्षिण की पौराणिक नगरी मदुरै में माना जाता है कि नायक वंश का दो सौ वर्षों तक शासन रहा। यह है नायक वंश के नायको का महल यानि नयक्कार महल - यह महल तिरूप्परंकुन्रम मन्दिर से थोड़ी ही दूर पर है। यह महल देखने के लिए 20 रूपए का टिकट है। बताया गया कि यह राशि