पसंद करें
0
नापसंद करें

छप्पर फ़ाड़ के (आई नेक्स्ट के संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित)

छप्पर फाड़ के सुनीता शानू( १ सितम्बर आई नेक्स्ट के सम्पादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित )माफ़ कीजियेगा मै यहाँ ऎसा कुछ लिखने नही जा रही कि बच्चों ने छप्पर फ़ाड़ा होगा। यहाँ बात ऊपर वाले की है कि ऊपर वाला जब भी देता है लेकिन ऎसा वो करता क्यों है? जिसे चाहिये एक उसे दस
 
सुनीता शानू
पसंद करें
0
नापसंद करें

बीमारी का लाभ

अमर उजाला पर प्रकाशित एक व्यंग्य....इधर जब से शर्मा जी को हल्की सी खाँसी आई हैं, ऑफ़िस में रूबी भी हाथ मिलाने से हिचकिचाती है।शर्मा जी बहुत परेशान हैं। बाहर स्वाइन फ़्लू का बढ़ता हुआ आतंक और घर में बीबी का। बार-बार हाथ धोते-धोते परेशान हो गये थे। गले लगाना
 
सुनीता शानू