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भारत से सुकेश साहनी की दो लघुकथाएं

प्रतिमाएं -सुकेश साहनी उनका काफिला जैसे ही बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के नज़दीक पहुँचा, भीड़ ने घेर लिया। उन नग-धड़ंग अस्थिपंजर-से लोगों के चेहरे गुस्से से तमतमा रहे थे। भीड़ का नेत्तृव कर रहा युवक मुट्ठियाँ हवा में लहराते हुए चीख रहा था, “मुख्यमंत्री—मुर्दाबाद
 
महावीर
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दीमक

सुकेश साहनी“किसन !—” बड़े साहब ने चपरासी को घूरते हुए पूछा, “तुम मेरे कक्ष से क्या चुराकर ले जा रहे थे?”“ कुछ नहीं साहब।”“झूठ मत बको!—” बड़े साहब चिल्लाए, “चौकीदार ने मुझे रिपोर्ट किया है, तुम डिब्बे में कुछ छिपाकर ले जा रहे थे—क्या था उसमें? सच-सच बता
 
कथाकार
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भारत से सुकेश साहनी की दो लघुकथाएं

सुकेश साहनी जन्म : 5 सितम्बर, 1956(लखनऊ) शिक्षा : एम.एस-सी. (जियोलॉजी), डीआईआईटी (एप्लाइड हाइड्रोलॉजी) मुम्बई से। कृतियां : डरे हुए लोग, ठण्डी रजाई (लघुकथा-संग्रह), मैग्मा और अन्य कहानियां, (कहानी-संग्रह), अक्ल बड़ी या भैंस (बालकथा-संग्रह), लघुकथा संग्रह
 
महावीर