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सीरियल में मातहत भाव

सीरियल, अखबार, विज्ञापन आदि संस्कार विकसित करते हैं। देखना चाहिए कि इनके द्वारा किन चीजों को वैधता प्रदान की जा रही है ? स्त्री की कुटिलता, दुष्टता या चालाकी महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण है उसका मातहत भाव। उसका समर्पणकारी भाव। इन दो चीजों के अंतर्गत
 
sudha singh
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लोकप्रिय हिन्दी सीरियल कितने परिवर्तनकामी ?

टेलीविजन पर दिखाए जानेवाले कार्यक्रमों में सबसे ज्यादा समाचार देखा जाता है या फिर टेलीविजन धारावाहिक। ये दोनों टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय विधारूप हैं। सबसे ज्यादा दर्शक संख्या को खींचने की ताकत इनमें है। धारावाहिक में एक कहानी चलती है जो अनंतरूपा होती है।
 
sudha singh
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मां तू बड़ी प्यारी है... मगर बहुत स्वार्थी भी है!

वो ऐड देखा आपने ... ? किसी रिफाइंड ऑइल का ऐड है...एक आदमी अपनी मां के सामने बीवी से कहता है – ‘ रुचि, तुम्हारे हाथ का बना खाना तो मां के खाने से भी अच्छा है... ’ । उसके बाद कैमरा बीवी के चेहरे पर फोकस होता है...वहां दबी-सी मुस्कुराहट है... खुशी है...
 
विवेक आसरी