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आरक्षण से ही महिलाओं के दुख दूर नहीं हो जाएंगे

जातिवाद की राजनीति करने वालों को मुंहकी  खानी ही थीपिछड़ों, दलितों और मुस्लिम महिलाओं के लिए कोटे के अन्दर कोटे की पैरोकारी करने वाले कथित लंबरदारों  के विरोध के बावजूद महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का विधेयक राज्यसभा में पास होना वाकई
 
shailesh kumar vijay
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चोर-चोर मोसेरे भाई........

बाबरी का जिन्न फिर बाहर आगया है। कहने को ये घटना आज से सत्रह साल पुरानी है, जिसे कोई शर्म,कोई शौर्य और धैर्य का अवसान मानता है। लेकिन सच में ये घटना थी क्या..क्या वास्तव में किसी विदेशी अक्रांता की बनाई गई जागीर को तोड़ देना अपने धर्म और जाति के लिए
 
वरुण कुमार सखाजी
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सबकी मिली भगत सबको फायदा

बाबारी का जिन्न फिर बाहर आगया है। कहने को ये घटना आज से सत्रह साल पुरानी है, जिसे कोई शर्म,कोई शौर्य और धैर्य का अवसान मानता है। लेकिन सच में ये घटना थी क्या..क्या वास्तव में किसी विदेशी अक्रांता की बनाई गई जागीर को तोड़ देना अपने धर्म और जाति के लिए
 
वरुण कुमार सखाजी
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सियासत की बदबूदार सच्चाई।।।

बाबारी का जिन्न फिर बाहर आगया है। कहने को ये घटना आज से सत्रह साल पुरानी है, जिसे कोई शर्म,कोई शौर्य और धैर्य का अवसान मानता है। लेकिन सच में ये घटना थी क्या..क्या वास्तव में किसी विदेशी अक्रांता की बनाई गई जागीर को तोड़ देना अपने धर्म और जाति के लिए
 
वरुण कुमार सखाजी
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सादगी पर सियासत

सादगी पर सियासत अमलेन्दु उपाध्याय पिछले दिनों षताब्दी में आम आदमी बनकर या़त्रा करने के बाद राहुल बाबा अचानक लखनऊ के पास बाराबंकी जिले के रामनगर के पास एक दलित गाॅंव में जा पहुॅंचे और लोकसभा चुनाव से पहले जिस तरह उन्होंने एडिसन के बल्ब की तरह ‘कलावती’
 
अमलेन्दु उपाध्याय
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लोकतंत्र की हत्या की पटकथा जगनमोहन के बहाने

लोकतंत्र की हत्या की पटकथाजगनमोहन के बहाने अमलेन्दु उपाध्यायआंधा्र प्रदेष के मुख्यमंत्री वाईएस राजषेखर रेड्डी की असमय मृत्यु के बाद जिस तरह से उनके पुत्र जगनमोहन रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उठी और इसके लिए बाकायदा लॉबिंग की गई उससे कांग्रेस
 
अमलेन्दु उपाध्याय
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व्यापारिक घरानों के हितसाधक सांसद

व्यापारिक घरानों के हितसाधक सांसद अमलेन्दु उपाध्याय -सांसद का मानसून सत्र समाप्त हो गया। अमूमन जैसा संसद का सत्र हंगामेदार रहता है, यह सत्र भी हंगामेदार रहा। लेकिन इस बार हंगामे का कारण दूसरा ही था। अब तक हंगामे का कारण सरकार की कुछ मुद्दों पर नाकामियां
 
अमलेन्दु उपाध्याय
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बहन जी को गुस्सा क्यों आता है ?

बहन जी को गुस्सा क्यों आता है?अमलेन्दु उपाध्यायउत्तर प्रदेश में ‘बलात्कार राजनीति’ एक नए मोड़ पर आ गई है। मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी की विवादित टिप्पणी के बाद प्रदेश में जो हुआ उसका समर्थन कोई बड़े से बड़ा दलित
 
अमलेन्दु उपाध्याय
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जगजाहिर है राहुल और वरुण का फर्क

एक ही खानदान के दो चिराग। गाॅधी - नेहरु के राजनीतिक विरासत केेेे दो वारिस। परंतु राजनीति के धरातल पर खड़े, उत्तर - दक्षिण। घोर विरोधी खेमे में अपने - अपने राजनीतिक वजूद की तलाश। एक की उग्र छवि दूसरे का सौम्य। अपने - अपने पिता की छवि के अनुरुप। पर माॅं
 
सुभाष चन्द्र
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गजनी के भारतीय अवतारों को सजा मिले

गजनी के भारतीय अवतारों को सजा मिले - अमलेन्दु उपाध्याय -आखिरकार लिब्राहन आयोग की बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट आ ही गई। इस हाई प्रोफाइल केस की जांच रिपोर्ट आने में ही कुल जमा सत्रह वर्ष लग गए। जाहिर है कि ऐसी गति से तो मुकदमें मे सजा सुनाए जाने में सत्रह सौ
 
अमलेन्दु उपाध्याय
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हारेगी भाजपा और कांग्रेस तो जीतेगा भारत

हारेगी भाजपा और कांग्रेस तो जीतेगा भारत- अमलेन्दु उपाध्याय, राजनीतिक समीक्षक, गुरुवार, 23 अप्रैल, 2009 भाजपा ने नारा दिया है-‘ जीतेगी भाजपा/ जीतेगा भारत ’। बहुत प्यारा नारा है, वैसे भी नारे देने में भाजपा को महारत हासिल है। यह नारा ठीक उसी तर्ज पर है
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मायावती और आयोग की निष्पक्षता के सवाल

मायावती और आयोग की निष्पक्षता के सवाल - अमलेन्दु उपाध्याय, बुधवार, 15 अप्रैल, 2009 आजकल उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री, बहन मायावती, चुनाव आयोग से बहुत ज्यादा खफा हैं। कारण है, कि बहन जी प्रमुख प्रतिद्धन्दी समाजवादी पार्टी की शिकायत पर चुनाव आयोग ने उत्
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क्या कल्याण को माफ़ी जायज़ है ?

क्या कल्याण को माफी जायज है? - अमलेन्दु उपाध्याय -भदोही उपचुनाव में बसपा के खाते से सीट झटककर समाजवादी पार्टी गदगद है और उसके बडे नेता अब फतवा जारी कर रहे हैं कि प्रदेश की जनता बसपा से छुटकारे के लिए सपा को वोट करेगी और कल्याण सिंह से दोस्ती का मुसलम
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कल्याण का रास्ता दिल्ली नहीं नागपुर जाता है

कल्याण का रास्ता दिल्ली नहीं नागपुर जाता है - अमलेन्दु उपाध्याय मेरे छात्र राजनीति के दौर के एक मित्र हैं जो मुलायम सिंह के उत्तर प्रदेश के प्रमुख 25 मैनेजरों में से एक हैं और 2 जून 1995 के लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस कांड के प्रमुख अभियुक्तों में से भी
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सत्यम के सत्य पर हैरानी क्यों है?

सत्यम, सरकार, मायावती और फर्जी बैलेंसशीट अमलेन्दु उपाध्याय मुझे बहन मायावती बहुत अच्छी लगती हैं। आप मेरी पसंद पर गुस्सा हो सकते हैं, मुझे खब्ती कह सकते हैं और जो चाहें सो पदवी से नवाज सकते हैं। लेकिन बात सौ फीसदी सही है कि बहन जी मुझे अच्छी लगती हैं।