पाती-दर-पाती
मेरे द्वारा लिखी पिछली पोस्ट 'एक पाती यह भी' पर एंटीवायरस के संपादक-साहित्यकार श्री नीरज दइया ने अपने विचारों भरी पाती 'विरोध के लिए विरोध नहीं' लिखी।इसमें उठे सवालों का जवाब मेरे द्वारा दिया गया वहीं उन्हीं का प्रत्युत्तर भाई नीरज ने अपनी पोस्ट
Mar 07 2010 08:21 PM



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